नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जादवपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों ने रामनवमी के आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी थी लेकिन प्रशासन ने वाइस चांसलर के न होने का हवाला देते हुए अनुमति को खारिज कर दिया था। इसके विरोध में हिंदू संगठनों का कहना है कि जब यूनिवर्सिटी में ईद मनाई जा सकती है तो रामनवमी के कार्यक्रम को मंजूरी क्यों नहीं दी जा रही। दोनों पक्षों के बीच इसी विवाद को लेकर जादवपुर यूनिवर्सिटी में तनाव बना हुआ है। हिंदू संगठनों का कहना है कि हर हाल में रामनवमी के कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
छात्र रामनवमी मनाने की जिद पर अड़े
जादवपुर यूनिवर्सिटी के छात्र इस जिद पर अड़े हुए हैं कि रामनवमी के कार्यक्रम का आयोजन किसी भी हाल में किया जाएगा। कुछ छात्रों का तो यहां तक कहना है कि वह ममता बनर्जी सरकार के इस फैसले के खिलाफ कोर्ट का रुख करेंगे। हिंदू संगठनों के नेता शांतनु सिंघा ने कहा कि हम इस फैसले के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके विरोध में लेफ्ट संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है। SFI का कहना है कि ABVP की ओर से रामनवमी के कार्यक्रम की कॉल दी गई है, लेकिन SFI ऐसा नहीं होने देगा। दोनों पक्षों की ओर से आमने सामने की स्थित ने कैंपस में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।
बिना अनुमति होगा कार्यक्रम?
जादवपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कार्यक्रम को मंजूरी देने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी में कोई वाइस चांसलर नहीं है इसलिए इसकी मंजूरी नहीं दी जा सकती है। बता दें कि बीते हफ्ते ही पश्चिम बंगाल के गवर्नर ने बड़ा कदम उठाते हुए जादवपुर के अंतरिम कुलपति भास्कर गुप्ता को पद से निष्कासित कर दिया था। गवर्नर का कहना था कि यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि गुप्ता ने कैंपस की हिंसा को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। इसके अलावा सरकार के आदेशों की भी अवहेलना की गई थी। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या कार्यक्रम बिना अनुमति के आयोजित किया जाएगा।




