नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। दिल्ली-NCR में इस साल दीवाली से पहले फिर वही सवाल उठ खड़ा हुआ है क्या पटाखों की बिक्री पर लगी रोक हटेगी? इस पर सुप्रीम कोर्ट आज अहम सुनवाई करने वाला है। कोर्ट तय करेगा कि ‘ग्रीन पटाखों’ की बिक्री की अनुमति दी जाए या नहीं।
कोर्ट में पटाखा निर्माताओं की अपील
पटाखा निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि उन पर लगा पूर्ण प्रतिबंध हटाया जाए। उनका कहना है कि प्रदूषण का असली कारण पटाखे नहीं, बल्कि पराली जलाना और वाहनों से निकलने वाला धुआं है। निर्माताओं का तर्क है कि उनके पास NEERI (नेशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) और PESO से ग्रीन पटाखे बनाने के वैध लाइसेंस हैं।
3 अप्रैल का कोर्ट आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने 3 अप्रैल 2025 को दिल्ली-एनसीआर में पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। हालांकि, 26 सितंबर को कोर्ट ने थोड़ी राहत दी थी वैध सर्टिफिकेशन वाले निर्माताओं को ग्रीन पटाखे बनाने की अनुमति दी गई, लेकिन उन्हें दिल्ली-एनसीआर में बेचने की इजाजत नहीं दी गई थी।
कोर्ट में क्या कहा गया?
केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था। हमें स्वच्छ हवा के अधिकार और पटाखा उद्योग में काम करने वालों के रोजगार के बीच संतुलन बनाना होगा। वहीं निर्माताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट बलवीर सिंह ने कहा कि कोर्ट का आदेश भेदभावपूर्ण है क्योंकि कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है जो यह साबित करे कि पटाखे ही दिल्ली की सर्दियों में प्रदूषण बढ़ाते हैं।
सरकार को परामर्श का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण मंत्रालय (MOEFCC) को निर्देश दिया है कि किसी भी अंतिम फैसले से पहले दिल्ली सरकार, पटाखा निर्माताओं और विक्रेताओं सभी से राय ली जाए। कोर्ट ने कहा है कि सभी पक्षों को मिलकर ऐसा समाधान निकालना चाहिए जिससे प्रदूषण भी न बढ़े और रोजगार पर भी असर न पड़े।
कितने हैं ग्रीन पटाखा निर्माता?
NEERI के अनुसार देशभर में 1,403 पंजीकृत ग्रीन पटाखा निर्माता हैं उत्तर प्रदेश में 52, पंजाब और हरियाणा में 22 दिल्ली में केवल 1 अगला कदम आज की सुनवाई में साफ हो सकता है कि क्या इस दीवाली दिल्ली NCR में ग्रीन पटाखों की बिक्री की इजाजत मिलेगी या नहीं। फिलहाल, कोर्ट के अगले आदेश तक किसी भी प्रतिबंधित क्षेत्र में पटाखों की बिक्री की अनुमति नहीं है। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर हैं। अगर आज राहत मिलती है, तो इस बार दीवाली थोड़ी “ग्रीन और ग्लो” दोनों हो सकती है।




