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Friday, March 13, 2026
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सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन पर 1 अक्टूबर तक के लिए लगाई रोक, जमीयत उलेमा-ए-हिंद की याचिका पर दिए ये निर्देश

सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बुलडोजर से की जा रही कार्रवाई के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने यह याचिका दाखिल की हुई है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने 17 सितंबर 2024 को बुलडोजर एक्शन पर रोक लगा दी है। देश के सर्वोच न्यायालय ने यह रोक 1 अक्टूबर 2024 तक के लिए लगाईं है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक अतिक्रमण पर ही एक्शन लिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी राज्यों के लिए निर्देश दिए हैं कि बुलडोजर न्याय का गुणगान बंद होना चाहिए। अतिक्रमण को कानून प्रक्रिया के तहत ही हटाया जाए। इसका जवाब देते हुए सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि सभी अवैध निर्माण पर नोटिस भेजने के बाद ही बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। जस्टिस बीआर गवई ने इस पर निर्देश देते हुए कहा है कि सार्वजनिक जगहों पर किए गए अवैध निर्माण को कानूनी प्रक्रियायों के तहत गिराने की छूट रहेगी।

एक समुदाय विशेष को टारगेट करने के आरोप सरासर गलत हैं

सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बुलडोजर से की जा रही कार्रवाई के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने यह याचिका दाखिल की हुई है। जिसकी सुनवाई करते हुए सर्वोच न्यायालय ने यह निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट में सरकार की तरफ से सॉलिसिटर तुषार मेहता ने जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ के सामने कहा कि अभी तक जो भी डिमोलिशन की कार्रवाई की गई है, उसमे कानून की प्रक्रिया का पूरा पालन किया गया है। लेकिन इस कार्रवाई में सिर्फ एक समुदाय विशेष को टारगेट करने के आरोप सरासर गलत हैं। इस तरह का गलत नैरेटिव फैलाया जा रहा है।      

हम अवैध निर्माण को किसी भी तरह का कोई संरक्षण देने के पक्ष में नहीं है

सॉलिसिटर तुषार मेहता के जवाब पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि वे इस जवाब से बिल्कुल भी प्रभावित नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि हम इसको लेकर पहले ही साफ कर चुके हैं कि हम अवैध निर्माण को किसी भी तरह का कोई संरक्षण देने के पक्ष में नहीं है। जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि वे एग्जीक्यूटिव जज नहीं बन सकते हैं। अब जरुरत है कि डिमोलिशन की प्रकिया का पूरी तरह पालन हो।

वहीं जस्टिस केवी विश्वनाथन ने सॉलिसिटर तुषार मेहता के जवाब को लेकर कहा है कि न्यायालय के बाहर जो भी बातें होती हैं, वे हमे बिल्कुल भी प्रभावित नहीं करती है। उन्होंने कहा कि हम इस बात पर बहस नहीं करेंगे कि किसी विशेष समुदाय को टारगेट बनाया जा रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि अगर गैरकानूनी डिमोलिशन का एक भी मामला है तो वो संविधान के खिलाफ ही है। इसके बाद दोनों जजों ने 1 अक्टूबर 2024 तक सार्वजनिक जगहों पर किए गए अवैध निर्माण को छोड़कर अन्य बुलडोजर एक्शन पर 1 अक्टूबर 2024 तक के लिए रोक लगा दी है।    

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