नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। वाराणसी में 115 साल पुराने उदय प्रताप कॉलेज को वक्फ बोर्ड ने हाल में ही अपनी संपति बताते हुए नोटिस जारी किया था। इस घटना के बाद से उदय प्रताप कॉलेज के स्टॉफ और छात्रों में काफी गुस्सा है। उदय प्रताप कॉलेज के छात्रों ने कॉलेज परिसर स्थित मजार के पास आज 3 दिसंबर 2024 को हनुमान चालीसा का पाठ पढने का ऐलान किया था। जिसको देखते वहां भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
यूपी पुलिस के अधिकारी कॉलेज के छात्रो को समझाने में जुटें हुए हैं
वाराणसी के अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. एस चनप्पा भी मौके पर छात्रों से बात करने पहुंचे थे। लेकिन कॉलेज के छात्रों ने किसी की भी बात को नहीं माना। भारी संख्या में मौजूद छात्रों ने वहां हनुमान चालीसा का पाठ पढना शुरू कर दिया। उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी छात्रों को समझने की कोशिश में जुटे रहे, लेकिन छात्र जय श्री राम का नारा लगाते रहे। उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों ने छात्रों का प्रदर्शन बढ़ता देख कई छात्रों को हिरासत में भी लिया। उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी कॉलेज के छात्रो को समझाने में जुटें हुए हैं।
क्या है पूरा मामला
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, वक्फ बोर्ड ने वाराणसी स्थित उदय प्रताप कॉलेज को अपनी संपत्ति बताते हुए नोटिस जारी किया है। जिसकी जानकारी मिलते ही उदय प्रताप कॉलेज के छात्रों और स्टाफ में काफी नाराजगी है। इस मुद्दे को लेकर कॉलेज के छात्रों ने 2 दिसंबर 2024 को विरोध प्रदर्शन किया था और आज 3 दिसंबर 2024 को छात्र भारी संख्या में उदय प्रताप कॉलेज परिसर स्थित मजार के पास हनुमान चालीसा का पाठ करने पहुंच गए।
वाराणसी स्थित उदय प्रताप कॉलेज की स्थापना महाराजा राजर्षि सिंह जूदेव ने वर्ष 1909 में की थी। इस परिसर में कई शैक्षिक संस्थान चलाए जा रहे हैं। जिसमे उदय प्रताप इंटर कॉलेज, उदय प्रताप पब्लिक स्कूल, रानी मुरार बालिका इंटर कॉलेज, मैनेजमेंट कॉलेज और उदय प्रताप स्वायत्तशासी कॉलेज शामिल हैं। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन सभी शैक्षिक संस्थानों में कुल 15 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं।





