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Saturday, March 7, 2026
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Delhi Earthquake: लगातार बारिश के बीच दिल्ली-NCR में भूकंप के तेज झटके, घबराए लोग घरों से निकले बाहर

दिल्ली-NCR में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। झटके इतने तेज थे कि लोग डर के कारण घरों और ऑफिस से बाहर निकल आए। कई इलाकों में लोगों ने कहा कि फर्नीचर हिलने लगा और दीवारें कुछ सेकेंड तक कांपती रहीं।

 नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। गुरुवार सुबह दिल्ली-NCR और आसपास के इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। झटके इतने जोरदार थे कि लोग दहशत में अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। इस दौरान लगातार हो रही बारिश ने घबराहट और भी बढ़ा दी। नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, मेरठ, हापुड़ और हरियाणा के कई जिलों में भी झटके महसूस किए गए।

 भूकंप का केंद्र हरियाणा का झज्जर


नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र हरियाणा के झज्जर जिले में था। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 मापी गई और यह सुबह 9:04 बजे आया। भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर बताई गई है। सोनीपत, बहादुरगढ़ और जींद जैसे इलाकों में भी झटके काफी महसूस किए गए।

इमारतें हिलीं, हाईराइज सोसायटियों में बढ़ी घबराहट


भूकंप के झटके महसूस होते ही दिल्ली और नोएडा की ऊंची इमारतों में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा घबराए। कई लोग तुरंत सीढ़ियों से उतरकर बाहर निकल आए। कुछ सेकंड तक लगातार कंपन से लोगों को सुनामी या दोबारा झटकों की चिंता सताने लगी। अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन लोगों में डर का माहौल जरूर बना रहा। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं खुले स्थानों में देर तक खड़े रहे, क्योंकि दोबारा झटकों की आशंका जताई जा रही थी।

सोशल मीडिया पर भी मचा हड़कंप


भूकंप के तुरंत बाद #Earthquake, #DelhiEarthquake जैसे हैशटैग ट्विटर और इंस्टाग्राम पर ट्रेंड करने लगे। कई यूजर्स ने भूकंप के दौरान की तस्वीरें और वीडियो भी शेयर किए। कुछ लोगों ने जहां डर व्यक्त किया, वहीं कुछ मजेदार मीम्स के जरिए माहौल हल्का करने की कोशिश करते नजर आए।

 दिल्ली-NCR भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र


दिल्ली जोन IV में आता है, जो कि भारत में भूकंप के लिहाज से दूसरी सबसे संवेदनशील श्रेणी है। इसलिए यहां हल्के या मध्यम झटकों की संभावना हमेशा बनी रहती है। इससे पहले 17 फरवरी 2025 को भी दिल्ली में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसकी तीव्रता 4.0 थी। वैज्ञानिकों के मुताबिक, धरती की टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल के कारण भूकंप आते हैं। जब ये प्लेट्स टकराती हैं या आपस में दबाव बनता है, तो नीचे की ऊर्जा सतह पर झटका देती है, जिसे भूकंप कहते हैं। इसलिए भूकंप से पहले और बाद में सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।

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