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Tuesday, March 24, 2026
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दिल्ली में आज से पुराने वाहनों पर होगी कड़ी कार्रवाई, नहीं मिलेगा ईंधन, पेट्रोल पंपों पर रहेगी पुलिस की नजर

दिल्‍ली में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सरकार ने सख्‍त कदम उठाया है। आज से तय समय से ज्यादा पुराने वाहनों को अब जब्त किया जाएगा और उन पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । आज 1 जुलाई 2025 से दिल्ली सरकार ने पुराने वाहनों पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार ने एक बड़ा एक्शन प्लान लागू किया है। इसके तहत, तय समय से ज्यादा पुराने वाहनों को अब जब्त किया जाएगा और उन पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। सरकार का कहना है कि अब दिल्ली में एंड-ऑफ-लाइफ (EOL) व्हीकल्स यानी समयसीमा पूरी कर चुके वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आज से ऐसे वाहन पकड़े जाने पर फाइन लगेगा और वाहन जब्त किए जाएंगे।

दरअसल, दिल्ली में 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों और 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को अब ईंधन नहीं मिलेगा। यदि कोई वाहन इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो मालिक को 10,000 रुपये तक का चालान भुगतना पड़ेगा। वहीं, पुराने दोपहिया वाहन जब्त किए जाने पर 5,000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है। इस नियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM), परिवहन विभाग, दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली पुलिस की टीमें राजधानी के सभी पेट्रोल पंपों पर निगरानी के लिए तैनात रहेंगी।

नया नियम क्या है?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि नया नियम आखिर है क्या। हाल ही में कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने स्पष्ट कर दिया था कि 1 जुलाई 2025 से दिल्ली में तय उम्र पूरी कर चुके पुराने वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा। नियम के अनुसार, 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहन और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहन एंड-ऑफ-लाइफ (EOL) व्हीकल की श्रेणी में आएंगे, और उन्हें ईंधन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। इन वाहनों की पहचान के लिए दिल्ली के सभी पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) सिस्टम लगाया गया है, जो पुरानी गाड़ियों को स्कैन कर तुरंत पहचान लेगा।

यह सिस्टम कैसे करेगा काम?

ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) सिस्टम में उन्नत क्वालिटी के कैमरे लगाए गए हैं, जो पेट्रोल पंप पर आने वाले हर वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे। स्कैनिंग के जरिए सिस्टम यह पता लगाएगा कि वाहन एंड-ऑफ-लाइफ (EOL) श्रेणी में आता है या नहीं। यदि कोई पुराना, प्रतिबंधित वाहन फ्यूल स्टेशन पर आता है और उसकी पहचान EOL वाहन के रूप में होती है, तो उसी स्थान पर सार्वजनिक रूप से घोषणा की जाएगी और वाहन को वहीं जब्त कर लिया जाएगा। हालांकि, अधिकारियों ने आज तक को बताया कि वाहन मालिकों को पहले एक मौका दिया जाएगा। वे जुर्माना भरकर अपना वाहन छुड़ा सकते हैं। लेकिन अगर तय समय के भीतर नियमों का पालन नहीं किया गया, तो वाहन को स्थायी रूप से जब्त कर लिया जाएगा।

अब पुराने वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

जैसे ही किसी पुराने वाहन की पहचान हो जाती है, पेट्रोल पंप प्रबंधन को पूरा अधिकार होगा कि वह उस वाहन को ईंधन देने से साफ मना कर दे। फिलहाल यह नियम केवल पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों पर लागू किया गया है। CNG वाहन अभी इस प्रतिबंध से बाहर हैं। अगर किसी स्थिति में पेट्रोल पंप संचालक या वाहन मालिक नियमों को लेकर टालमटोल करते हैं या उल्लंघन करते हैं, तो इसके लिए भी सरकार ने सख्त कार्ययोजना तैयार की है।

दिल्ली में इस नियम को शांतिपूर्ण तरीके से लागू कराने और किसी भी संभावित टकराव से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस को संवेदनशील इलाकों के पेट्रोल पंपों पर तैनात किया जाएगा। दरअसल, हाल ही में पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने मांग की थी कि जब पुराने वाहनों को ईंधन देने से मना किया जाएगा, तो टकराव की स्थिति बन सकती है, इसलिए पुलिस बल की उपस्थिति जरूरी होगी।

फ्यूल स्टेशनों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती भी होगी

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त आयुक्त अजय चौधरी ने बताया कि फिलहाल दो तरह के पेट्रोल पंप सक्रिय हैं, कुछ सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक खुले रहते हैं, जबकि बाकी 24 घंटे सेवा प्रदान करते हैं। संवेदनशीलता के आधार पर उन पेट्रोल पंपों की पहचान कर ली गई है जहां पुलिस बल की विशेष रूप से जरूरत होगी। अधिकारियों ने यह भी आकलन किया है कि किन स्थानों पर चौबीसों घंटे पुलिसकर्मियों की तैनाती आवश्यक है। इसके अलावा, उन फ्यूल स्टेशनों को भी चिन्हित किया गया है जहां एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल्स के आने की संभावना सबसे अधिक है। इन सभी स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं।

CNG वाहनों को फिलहाल राहत

शुरुआत में सरकार ने यह योजना बनाई थी कि पेट्रोल, डीजल और CNG तीनों प्रकार के पुराने वाहनों पर एकसमान प्रतिबंध लगाया जाएगा। हालांकि, मौजूदा स्थिति में 15 साल से पुराने CNG वाहनों को अस्थायी रूप से छूट दी गई है। दिल्ली की परिवहन आयुक्त निहारिका राय ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 जुलाई से दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग समेत अन्य सभी प्रवर्तन एजेंसियों की टीमें पेट्रोल पंपों पर कड़ी निगरानी रखेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समय सरकार का मुख्य फोकस 10 साल पुराने डीजल वाहनों और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर है, जिन पर नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नियम तोड़ने पर पेट्रोल पंपों पर भी होगी सख्त कार्रवाई

अधिकारियों ने बताया है कि दिल्ली के संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित सभी पेट्रोल पंपों की पहचान कर ली गई है। यदि किसी फ्यूल स्टेशन पर नए नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो उस पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने उन पेट्रोल पंपों को भी चिन्हित किया है जहां नियमों के उल्लंघन की आशंका सबसे अधिक है। ऐसे स्टेशनों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की योजना बनाई गई है, ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। गौरतलब है कि सरकार ने इस नियम को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए हाल ही में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) जारी किए थे। इन दिशा-निर्देशों में पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट रूप से बताया गया है कि उन्हें किन बातों का पालन करना आवश्यक है।

दिल्ली के आसपास भी लगेंगे ANPR कैमरे

हालांकि फिलहाल यह नियम केवल दिल्ली में लागू किया गया है, जहां पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं। लेकिन आने वाले समय में इस दायरे का विस्तार किया जाएगा। सरकार की योजना है कि 1 नवंबर 2025 से नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे दिल्ली से सटे शहरों के पेट्रोल पंपों पर भी ANPR कैमरे लगाए जाएं। हालांकि अभी इन क्षेत्रों में पुराने वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

यह नियम क्यों जरूरी है?

सरकार की “No Fuel for Old Vehicle” नीति का मुख्य उद्देश्य है सड़कों से पुराने, अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाकर दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार लाना। इस पहल के तहत 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को न केवल ईंधन से वंचित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें धीरे-धीरे सड़कों से हटाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। संयुक्त प्रवर्तन टीमों ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने पुराने वाहनों को स्वेच्छा से स्क्रैप कराएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके और नियमों को शांतिपूर्वक लागू किया जा सके।

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