नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र समाजवादी नेता और मानखुर्द शिवाजी नगर सीट से विधायक अबू आजमी को महाराष्ट्र विधानसभा के पूरे बजट सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया है। उनके औरंगजेब पर दिए बयान के बाद सूबे की सियासत में बवाल मचा हुआ है। उनके खिलाफ ये कार्रवाई औरंगजेब की तारीफ में दिए बयान के बाद की गई है। चार बार के विधायक को निलंबित करने का प्रस्ताव बुधवार को कार्यवाही शुरू होते ही संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने पेश किया। विधायक अबू आजमी ने औरंगजेब को अच्छा प्रशासक बताया था, जिसके बाद उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। वहीं अब उन्हें विधानसभा से निलंबित कर दिया गया है।
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने दी थी चेतावनी
वही अबू आजमी की द्वारा दिए गए औरंगजेब वाले बयान के बाद महाराष्ट्र सियासी भूचाल आ गया था। तो इस बयान के बाद आजमी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुए था। वहीं अब उन्हें महाराष्ट्र विधानसभा के पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किया दिया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार (5 मार्च) को कहा था कि, अबू आजमी का यह बयान महाराष्ट्र की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाता है और इसके लिए उन्हें सख्त सजा दी जाएगी। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें निलंबित किया जाएगा।
बयान के बाद मांगी माफी
समाजवादी पार्टी के मानखुर्द शिवाजी नगर सीट से विधायक अबू आजमी ने मंगलवार (5 मार्च) को औरंगजेब को लेकर दिए गए अपने बयान पर खेद जताया था ओर माफी भी मांगी थी। अबू आजमी ने अपने बयान पर सफाई पेश करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया है। औरंगजेब रहमतुल्लाह अलेह के बारे में मैंने वही कहा है, जो इतिहासकारों और लेखकों ने कहा है।”
औरंगजेब की तारीफ में क्या बोले थे अबू आजमी?
बता दें कि, इससे पहले सोमवार (3 मार्च) को सपा नेता अबू आजमी ने मुगल शासक औरंगजेब की तारीफ की थी। इसके बाद देश में बवाल मच गया। उनकी कई नेता और दल काफी आलोचना की। अबू आजमी ने कहा था, “औरंगजेब को अच्छा प्रशासक बताया था। उन्होने कहा था कि, उसके शासन काल में ही भारत सोने की चिड़िया बना। मैं औरंगजेब को क्रूर शासक नहीं मानता हूं। औरंगजेब ने अपने कार्यकाल में कई हिंदू मंदिरों का निर्माण करवाया। औरंगजेब को लेकर गलत इतिहास पढ़ाया जा रहा है।”





