नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मुखिया शरद पवार ने 30 अगस्त 2024 को Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा लेने से मना कर दिया है। गृह मंत्रालय ने उन्हें कुछ दिन पहले ही Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया था, लेकिन शरद पवार ने उस समय ही गृह मंत्रालय के इस फैसले पर अपना शक जाहिर कर दिया था। बता दें कि गृह मंत्रालय शरद पवार की Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा के तहत सीआरपीएफ के 58 कमांडोज को उनकी सुरक्षा में तैनात करना चाहती थी।
अब सबकी नजरें इस मामले में होने वाली अगली कार्रवाई में टिकी हुई है
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)के मुखिया शरद पवार Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा लेने से पहले यह जांचना चाह रहे हैं कि उनको किस तरह का थ्रेट है, जिसकी वजह से गृह मंत्रालय ने उन्हें यह सुरक्षा मुहैया कराने का निर्णय लिया है। इसको लेकर शरद पवार ने गृह मंत्रालय के कुछ अधिकारियों से जानकारी देने की मांग की है। तब तक के लिए NCP प्रमुख शरद पवार ने Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा लेने से मना कर दिया है। अब सबकी नजरें इस मामले में होने वाली अगली कार्रवाई में टिकी हुई है।
इसके जरिए मेरी जासूसी की जा सकती है
बता दें कि NCP प्रमुख शरद पवार ने कुछ दिन पहले ही गृह मंत्रालय के Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा देने के फैसले को लेकर प्रतिक्रिया दी थी कि इसके जरिए मेरी जासूसी की जा सकती है। शरद पवार ने कहा था कि Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा उनके बारें में प्रामाणिक जानकारी प्राप्त करने का तरीका हो सकता है। शरद पवार ने इसका कारण महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव 2024 को बताया था और कहा था कि इसी को लेकर केंद्र सरकार मुझे Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा देना चाहती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गृह मंत्रालय ने शरद पवार को Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा देने का फैसला केंद्रीय एजेंसियों द्वारा उनपर खतरा होने को लेकर लिया था।





