नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। रामदास सोरेन हेमंत सोरेन की कैबिनेट में शामिल हो गए हैं। उन्होंने चंपाई सोरेन का स्थान लेते हुए शुक्रवार को शपथ ली। झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा में रामदास 12वें मंत्री के रूप में शामिल हुए हैं। रामदास घटशिला से दो बार विधायक रह चुके हैं। रामदास पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। उन्होंने घटशिला से 2009 और 2019 में सीट जीती थी। वर्तमान में वो जमशेदपुर में पार्टी के जिला अध्यक्ष हैं।
रामदास को माना जाता है चंपाई का करीबी
रामदास को चंपाई सोरेन का करीबी माना जाता है। चंपाई के इस्तीफे के बाद कैबिनेट में एक पद खाली हो गया था। ऐसा माना जा रहा है कि हेमंत ने रामदास को मंत्री बनाकर ना सिर्फ बगावत थामने के लिए बड़ा कदम उठाया है बल्कि संथाल आदिवासी समजा को भी साधने की कोशिश की है। हेमंत सोरेन की मंशा है कि कोल्हान इलाके में संगठन का दबदबा बना रहे। चंपाई पुरे और मंझे हुए नेता है। इनके बीजेपी में शामिल होने से JMM को नुकसान हो सकता है जबकि बीजेपी को फायदा हो सकता है।
कोल्हान में कुल 14 विधानसभा सीटे हैं
कोल्हान में तीन जिलों, सिंहभूम , सिरायकेला खरसांवा और पश्चिमी सिंह भूम आते हैं। इन जिलों में कुल मिलाकर 14 विधानसभा सीट हैं। यहां पर चंपाई सेन का बहुत प्रभाव है। उनकी सबको साथ जोड़कर रखने की पॉलिसी का पार्टी को भरपूर फायदा होता था। इससे पहले 2020 के चुनाव में कोल्हान में पार्टी ने 14 में से 11 सीटें जीती थी।
चंपाई आज होंगे बीजेपी में शामिल
चंपाई सोरेन आज ही बीजेपी में शामिल होने वाले हैं। इनके शामिल होने से कोल्हन की 14 सीटों पर बीजेपी वर्चस्व जमा सकती है। चंपाई NDA सरकार की हिस्सा भी रह चुके हैं।वह पिछड़ा कल्याण मंत्री भी रह चुके हैं। पार्टी राम दास को कोलहान में अपनी पकड़ मजबूत करने का एक मौका देगी लेकिन इससे कितना फायदा होगा यह आने वाले समय में पता लगेगा।




