back to top
21.1 C
New Delhi
Wednesday, March 11, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

पाकिस्तान में आईईडी हमले में सुरक्षाकर्मियों की मौत

इस्लामाबाद, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाकर घातक हमले किए और कई सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने का दावा किया है। बढ़ते हमले से पाकिस्तान के सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती है। हाल ही में पाकिस्तान-अफगान सीमा पर उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में हुए एक बम विस्फोट में कम से कम छह सुरक्षाकर्मी मारे गए। ब्योरे के मुताबिक, विस्फोट तब हुआ, जब कम से कम तीन अर्धसैनिक सैनिक और कम से कम दो पुलिस अधिकारी बाजौर जिले में एक घेरा और तलाशी अभियान चला रहे थे। बताया गया कि एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) लदे वाहन ने दूसरे वाहन को टक्कर मार दी, जिससे विस्फोट हो गया। अभी तक किसी भी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। लेकिन संदेह की उंगली टीटीपी पर उठाई जा रही है, जिसने 2021 में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ एक आक्रामक अभियान शुरू करने के बाद हाल के हमलों का दावा किया है, खासकर अगस्त के मध्य में अफगानिस्तान में तालिबान के अधिग्रहण के बाद से। वर्ष 2021 में टीटीपी का फिर से उदय हुआ है, जो लक्षित हमलों को अंजाम दे रहा है, विशेष रूप से बाजौर जिले में और उसके आसपास, एक संवेदनशील क्षेत्र जहां पाकिस्तानी सेना 2007 से टीटीपी कोशिकाओं और उसके संबद्ध समूहों से लड़ रही है और उन्हें नष्ट कर रही है। 2021 में, इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ-साथ नागरिकों के खिलाफ आईईडी, लक्षित हमलों और अपराधियों द्वारा छापे के माध्यम से हमलों में एक बड़ी वृद्धि देखी गई है। बाजौर जिले की घटना के समानांतर, बाजौर के दक्षिण में स्थित एक अन्य अशांत क्षेत्र हांगू जिले के थाल क्षेत्र में एक सुरक्षा जांच चौकी पर लक्षित हमले में एक 26 वर्षीय सैनिक की मौत हो गई थी। वहीं, बलूचिस्तान के केच जिले में एक सुरक्षा जांच चौकी पर अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई फायरिंग में एक जवान शहीद हो गया। टीटीपी ने अफगानिस्तान के साथ बाजौर, हांगू, बलूचिस्तान और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों को अपने गढ़ के रूप में इस्तेमाल किया है और उन्हें अफगानिस्तान में और बाहर मुफ्त पहुंच के रूप में इस्तेमाल किया है। टीटीपी विश्व स्तर पर नामित आतंकवादी संगठन है, जिसने 2007 से अब तक हजारों पाकिस्तानियों को मारने का दावा किया है। भले ही पाकिस्तान का दावा है कि पाकिस्तान के अंदर सक्रिय टीटीपी और उसके सहयोगी समूहों के खिलाफ उसके चौतरफा सैन्य हमले ने न केवल उन्हें नष्ट कर दिया है, बल्कि देश में उनके पैरों के निशान भी साफ कर दिए हैं, टीटीपी द्वारा दावा किए गए हमलों के चल रहे पुनरुत्थान ने निश्चित रूप से खतरे की घंटी बजा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि असली चिंता टीटीपी के फिर से उभरने को लेकर है, क्योंकि इस साल अगस्त में तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर आतंकी हमले तेज हो गए हैं। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों का दावा है कि इस तरह के कई आतंकी हमलों को नाकाम कर दिया गया है, जबकि समूह को पूरी तरह से जड़ से खत्म करने के लिए खुफिया-आधारित अभियान चलाए जा रहे हैं। –आईएएनएस एसजीके/एएनएम

Advertisementspot_img

Also Read:

छुट्टी रद्द होते ही GenZ कर्मचारी का अनोखा रिएक्शन, एयरपोर्ट से बोलीं- अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । सोचिए, आप फ्लाइट पकड़ने ही वाले हों और तभी ऑफिस से मैसेज आए कि आपकी छुट्टियां रद्द कर दी गई...
spot_img

Latest Stories

ये क्या बोल गए आफरीदी… टीम इंडिया को लेकर उनका बयान फिर बना चर्चा का विषय

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत ने टी20 विश्व कप 2026...

बेला नाम का मतलब- Bela Name Meaning

Meaning of Bela /बेला नाम का मतलब: Beautiful/सुंदर Origin /...

Ekadashi March 2026: कब है पापमोचनी और कामदा एकादशी? जानें सही तिथि और मुहूर्त

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। चैत्र मास सनातन परंपरा में अत्यंत...

कल खत्म हो जाएगी NEET UG 2026 की आवेदन प्रक्रिया, फटाफट करें अप्लाई; जानिए कितनी है आवेदन फीस

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अगर आप मेडिकल फील्ड में करियर...

CBSE 12वीं के पेपर में QR कोड स्कैन करते ही खुला YouTube, छात्रों में मची हलचल; जानिए बोर्ड ने क्या कहा?

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के...

Tarvel Tips: दोस्तों के साथ घूमने का हैं मन, तब इन खास बातों का रखें ध्यान

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। अगर आप मार्च के महीने...