नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। छत्तीसगढ़ के नरायणपुर में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में 30 माओवादियों को ढेर कर दिया है। बस्तर पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मुठभेड़ दोपहर करीब 1 बजे नारायणपुर-दंतेवाड़ा अंतरजिला सीमा पर अभुजमाड़ के जंगल में उस समय शुरू हुई जब सुरक्षाकर्मियों की एक संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी।
मुठभेड़ अभी भी जारी है
दंतेवाड़ा के सुपरीटेंडेंट ऑफ पुलिस गौरव राय ने बताया कि अभी भी मुठभेड़ जारी है। अभी तक 30 माओवादियों की जान जा चुकी है और यह आकड़े बढ़ सकते हैं। टीमें अभी भी जंगल में हैं और मुठभेड़ पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हथियार भी किए गए बरामद
पुलिस की ओर ये यह भी कहा गया है कि उन्हें कुछ हथियार भी बरामद हुए हैं। इनमें एके 47 SL आर राइफल शामिल है। हथियारों और गोलाबारूद की सही संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है। शनिवार को मृत माओवादियों की पहचान की प्रक्रिया की जाएगी।
माओवादियों ने बुलाई थी बैठक
गौरव राय ने यह भी बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि CPI (माओवादी) के पूर्वी बस्तर डिवीजन के वरिष्ठ कैडरों ने इस सप्ताह थुलथुली गांव के जंगलों में एक बैठक बुलाई थी और जंगलों में एक बड़ी सभा हो रही थी।
सूचना के अधार पर की गई कार्रवाई
सूचना के आधार पर दंतेवाड़ा जिले के जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और नारायणपुर जिले के डीआरजी की एक टीम को गुरुवार रात नक्सल विरोधी अभियान के लिए जंगल में भेजा गया था।
उल्लेखनीय है कि इस मुठभेड़ के साथ 2024 में बस्तर क्षेत्र में अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों द्वारा कुल 194 माओवादियों को मार गिराया गया है।
महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बीच फैले अबूझमाड़ को ‘अज्ञात पहाड़ी’ के रूप में जाना जाता है, क्योंकि 6,000 वर्ग किलोमीटर के घने जंगल का ब्रिटिश काल से सर्वेक्षण नहीं किया गया है। यह जंगल माओवादी गतिविधियों का केन्द्र है और बताया जाता है कि सीपीआई (माओवादी) के लगभग एक दर्जन माओवादी अभी भी वहां डेरा डाले हुए हैं।





