नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बाबा भोलेनाथ को प्रिय सावन का सोमवार 9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन के दिन समाप्त हो जाएगा। लेकिन उससे पहले सावन महीने का अंतिम सोमवार बाकी है जो आज 4 अगस्त को पड़ रहा है। ज्योतिषियों के मुताबिक, इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से साधक की सभी इच्छाएं पूरी और उसे मानसिक शांति की प्राप्ति होती हैं। ऐसे में आइए इस शक्तिशाली पाठ के बारे में जिससे साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
आज 4 अगस्त 2025 को सावन का आखिरी सोमवार व्रत है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। चूंकि यह सावन का अंतिम सोमवार है, इसलिए यह कन्याओं के लिए भी खास है। इस दिन शिवलिंग का कच्चा दूध, दही, घी, गुड़ और शहद से अभिषेक करे व सुगंधित इत्र अर्पित करते हुए शुद्ध देसी घी से दीपक जलाएं। इस दौरान आप षडाक्षर स्तोत्र का पाठ भी अवश्य करें। इसके प्रभाव से मनचाहा जीवनसाथी पाने का योग बनता है। आइए जानते है इस पाठ के बारे में।
ज्योतिषियों के मुताबिक, सावन का आखिरी सोमवार बेहद खास होने वाला है। इस दिन इन योगों में पूजा-पाठ करने से साधक के जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
श्रीशिवषडाक्षरस्तोत्रम्
ॐकारं बिन्दुसंयुक्तं नित्यं ध्यानन्ति योगिनः।
कामदं मोक्षदं चैव ॐकाराय नमो नमः॥ ॥
नमंति ऋषयो देवा नामन्त्यपसरसां गणः।
नरा नमंति देवेशं निश्चयाय नमो नमः॥ 2॥
महादेवं महतनं महाध्यानं परायणम्।
महापापहरं देवं मकराय नमो नमः॥ 3॥
शिवं शांतं जगन्नाथं लोकानुग्रहकारकम्।
शिवमेकपदं नित्यं शिकाराय नमो नमः॥ 4॥
वाहनं वृषभो यस्य वासुकिः कंठभूषणम्।
वामे शक्तिधरं वेदं वक्राय नमो नमः॥ 5॥ वर. देवं
यत्र यत्र स्थितो देवः सर्वबन्ध महेश्वरः।
यो गुरुः सर्वदेवानां यकाराय नमो नमः ॥ 6॥
षडक्षरमिदं स्तोत्रं यः पथेच्छिवसंनिधौ।
शिवलोकमाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥ 7॥
॥ इति श्री रुद्रायामले उमामहेश्वरसंवादे षडक्षरस्तोत्रं संपूर्णम् ॥
भगवान शिव के प्रभावशाली मंत्र
ओम साधो जातये नम:।। ओम वाम देवाय नम:।।
ओम अघोराय नम:।। ओम तत्पुरूषाय नम:।।
ओम ईशानाय नम:।। ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।।
रूद्र गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विदमहे, महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात्।
महामृत्युंजय गायत्री मंत्र
ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्द्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः ॐ सः जूं हौं ॐ ॥




