नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन इलाके में मंगलवार को आतंकियों ने आम लोगों को निशाना बनाते हुए जमकर गोलाबारी की। हमले में पर्यटकों के एक समूह पर हुई गोलीबारी में कम से कम 26 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। इस बर्बर घटना ने पूरे भारत और दुनिया भर में सनसनी फैला दी है। घटना के बाद स्थानीय नेताओं सहित देशभर के कई राजनीति हस्तियों ने इस हमले की निंदा की। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, इस क्रूर हत्या की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के संगठन रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है। सूत्रों से पता चला है कि आतंकवादी सैफुल्लाह खालिद पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का मास्टरमाइंड हो सकता है।
सैफुल्लाह खालिद कौन है?
सैफुल्लाह खालिद को सैफुल्लाह कसूरी के नाम से भी जाना जाता है। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का उप प्रमुख है। रिपोर्टों के अनुसार, खालिद का पाकिस्तानी आतंकवादी हाफिज सईद के साथ करीबी संबंध है। उसे पाकिस्तान का पूरा समर्थन प्राप्त है। खालिद पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों का ‘पसंदीदा’ है और वहाँ खुलेआम घूमता है। वह कई जिहादी भाषण देने के लिए भी जाना जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि खालिद पर पाक सेना को भड़काने और युवाओं का ब्रेनवॉश करने का भी आरोप है। हाल ही में उसे पाकिस्तानी सेना ने कंगनपुर, पंजाब, पाकिस्तान में जिहादी भाषण देने के लिए बुलाया था।
क्या है TRF?
टीआरएफ को केंद्र सरकार ने 2024 में प्रतिबंधित कर दिया था, क्योंकि यह हिंसक उग्रवाद को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन माध्यम से युवाओं और आतंकवादियों की भर्ती में शामिल था। यह समूह सक्रिय रूप से आतंकवादियों की घुसपैठ और पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में हथियारों और ड्रग्स की तस्करी में लिप्त है।
इस समूह का गठन 2019 में प्रतिबंधित पाकिस्तानी इस्लामिस्ट सलाफी जिहादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक संगठन के रूप में किया गया था, जो 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों में शामिल था। इस बीच, टीआरएफ कमांडर शेख सज्जाद गुल को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम 1967 के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है। टीआरएफ समय-समय पर जम्मू-कश्मीर में नागरिकों, सुरक्षा बलों और राजनीतिक हस्तियों को निशाना बनाकर क्रूर हमले करने के लिए कुख्यात है।




