नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीएम अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब घोटाला मामले में जमानत देते हुए कहा था कि ईडी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ सुबूत देने में नाकाम रही है। ईडी उनके खिलाफ अपराध से जुडी आय के सुबूत नहीं दे पायी है। साथ ही राउज एवेन्यू कोर्ट के न्यायधीश ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के तर्क जांच एक कला है को भी खारिज कर दिया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने राउज एवेन्यू कोर्ट के इस आदेश पर रोक लगा दी है
वहीं 20 जून 2024 को दिल्ली हाईकोर्ट ने राउज एवेन्यू कोर्ट के इस आदेश पर रोक लगा दी है। राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायधीश न्याय बिंदु ने अपने आदेश में कहा था कि दिल्ली के सीएम का अपराध अभी तक सिद्ध नहीं हुआ है। विशेष न्यायधीश न्याय बिंदु ने ईडी के सामने अमेरिका के संस्थापकों में से एक बेंजामिन फ्रैंकलिन का उदाहरण देते हुए कहा “भले ही 100 दोषी व्यक्ति बच जाएं, लेकिन एक निर्दोष व्यक्ति को पीड़ा नहीं पहुंचनी चाहिए” विशेष न्यायधीश न्याय बिंदु ने कानून का सिद्धांत बताते हुए कहा कि इसके अनुसार जब तक किसी का दोष साबित नहीं हो जाता है, जब तक हर इंसान को निर्दोष माना जाना चाहिए। लेकिन दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के मामले में ऐसा लागू होता नहीं दिखाई दे रहा है।
ईडी दिल्ली शराब घोटाला के अवैध लेनदेन का पता नहीं लगा पायी है
राउज एवेन्यू कोर्ट के न्यायधीश ने ईडी से कहा कि वे इस तथ्य के विषय में चुप है कि गोवा में आम आदमी पार्टी द्वारा दिल्ली शराब घोटाला के पैसों का इस्तेमाल विधानसभा के चुनावों में किस तरह से किया गया। न्यायधीश ने कहा कि दो साल के लगभग हो गया है, लेकिन ईडी दिल्ली शराब घोटाला के अवैध लेनदेन का पता नहीं लगा पायी है।
यह ईडी की सही दलील नहीं है
राउज एवेन्यू कोर्ट के न्यायधीश ने कहा कि ईडी यह साफ नहीं कर पायी है कि दिल्ली शराब घोटाला के पैसों के अवैध लेनदेन के बारे पता करने में उसको कितना समय चाहिए था। न्यायधीश ने कहा कि इसका मतलब ईडी द्वारा दिल्ली शराब घोटाला के पैसों के अवैध लेनदेन का पता लगने तक, आरोपी(सीएम अरविंद केजरीवाल) को जेल में रहना चाहिए। जबकि आरोपी के खिलाफ उचित सुबूत भी नहीं है। यह ईडी की सही दलील नहीं है।
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