लखनऊ, 8 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 90 के दशक की शुरुआत में अयोध्या आंदोलन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वालों के सम्मान में सड़कों का नाम उनके नाम पर रखने का फैसला किया है। उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने कहा है कि सरकार 90 के दशक की शुरुआत में राम मंदिर आंदोलन के दौरान मारे गए कारसेवकों के नाम पर राज्य में सड़कों का नाम रखेगी। उन्होंने कहा, सड़कों को बालिदानी राम भक्त मार्ग कहा जाएगा और यह कारसेवकों के घर की ओर जाएगी, जिसमें मृतक का नाम और तस्वीर पट्टिका पर प्रदर्शित होगी। मौर्य ने कहा, कारसेवक 1990 में रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या आए थे। तत्कालीन सपा सरकार ने निहत्थे भगवान राम भक्तों पर गोलियां चलाई थीं। कई मारे गए थे। आज, मैं घोषणा करता हूं कि यूपी में सड़कें बनाई जाएंगी। ऐसे सभी कारसेवकों का। नवंबर 1990 में अयोध्या में पुलिस गोलीबारी में सोलह कारसेवक मारे गए थे। भाजपा का दावा है कि यह संख्या बहुत अधिक थी। मौर्य ने आगे कहा कि बाहरी और आंतरिक शत्रुओं से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों और पुलिस अधिकारियों के सम्मान में जय हिंद वीर पथ का निर्माण किया जाएगा। –आईएएनएस एसजीके/एएनएम




