नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। INDIA ब्लॉक को लेकर अलगाव साफ दिखता नजर आ रहा है। बीते दिनों ममता बनर्जी के एक बयान से पूरा सिलसिला शुरु हुआ। ममता बनर्जी ने कहा कि वह बंगाल की सीएम रहते हुए भी इंडिया गठबंधन को लीड कर सकती हैं। ये अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस की लीडिंग कैपेसिटी पर सवाल उठाने जैसा है। अब इस मामले में ममता बनर्जी को साथी गठबंधन दलों का साथ मिलता हुआ दिखाई दे रहा है। जबकि तमिलनाडु के सीएम एम. के. स्टालिन और फारुख अब्दुल्ला ने अभी भी कांग्रेस में ही विश्वास जताया है। हालांकि ताजा मामला लालू यादव के ममता बनर्जी के नाम का समर्थन देने के बाद सामने निकल कर आया।
अधिकतर दल ममता बनर्जी के समर्थन में
RJD सुप्रीमों लालू यादव ने INDIA गठबंधन के लिए ममता बनर्जी के नाम का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के आपत्ति जताने से कुछ नहीं होगा। ममता को ही इंडिया गठबंधन को लीड करना चाहिए। इसके अलावा शिवसेना UBT का रुख अभी ढुलमुल नजर आ रहा है। एक तरफ वह ममता के नाम पर सहमत होते हुए नजर आ रहे हैं जबकि राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता की भी सराहना कर रहे हैं। शरद पवार भी ममता बनर्जी के नाम का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी एक मजबूत नेता हैं और वह नेतृत्व करने के लिए सबसे सही पसंद हैं।
कांग्रेस इस प्रस्ताव के खिलाफ है
स्वभाविक है कि कांग्रेस इस प्रस्ताव से सहमत नहीं दिखाई दे रही है। बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी की TMC एक क्षेत्रीय दल है जिसका नेशन लेवल पर कोई अस्तित्व नहीं है। फारुख अब्दुल्लाह भी इस बात से सहमत हैं कि INDIA गठबंधन को कांग्रेस से बेहतर कोई नहीं संभाल सकता। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के स्टालिन ने भी मल्लिकार्जुन खड़गे को ही इंडिया गठबंधन का मेंटर बनाए रखने की बात कही है।





