नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क। भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क को उजागर करने के उद्देश्य से सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों का गठन किया है। ये प्रतिनिधिमंडल विभिन्न देशों की यात्रा कर भारत की चिंताओं और सबूतों को सामने रखेंगे, जिससे पाकिस्तान की असलियत दुनिया के सामने लाई जा सके। इस फैसले पर गुरुवार को राजद (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मोदी सरकार के इस कदम का स्वागत किया और इसे राष्ट्रीय हित में उठाया गया एक सकारात्मक फैसला बताया।
“यह पीड़ा किसी एक पार्टी की नहीं, पूरे देश की है”
मनोज झा ने कहा, “बीते कुछ वर्षों में सरकार ने जो भी फैसले लिए, यह उनमें से एक खूबसूरत फैसला है।” मनोज झा ने खासतौर पर इस बात पर चिंता जताई कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भी दुनिया के कई मित्र देश, जिनकी भारत ने समय-समय पर मदद की, वे खुलकर भारत के समर्थन में नहीं आए। इस पर उन्होंने कहा कि “यह पीड़ा किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश की है।” उन्होंने सामाजिक ताने-बाने को लेकर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि “समाज में जो नफरत बोई जा रही है, जिसकी एक बानगी पहलगाम में देखने को मिली, उसे खत्म करने के लिए यह प्रतिनिधिमंडल विदेशों में जाकर भारत की वास्तविक तस्वीर पेश करेंगे, यह बेहद जरूरी है।”
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर को बताया सही कदम
पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की वैश्विक मुहिम को लेकर देश के भीतर राजनीतिक दलों की एकजुटता देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि “भारत निर्दोष की हत्या के खिलाफ है”। जायसवाल ने भारत की सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर की पहल को सही ठहराते हुए कहा कि “भारत हमेशा से आतंकवाद के खात्मे का पक्षधर रहा है। हमारे 7 संसदीय प्रतिनिधिमंडल दुनिया के सामने यह स्पष्ट करेंगे कि भारत कभी भी किसी निर्दोष की हत्या के पक्ष में नहीं रहा है।” उन्होंने भरोसा जताया कि ये दल अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखेंगे और यह संदेश देंगे कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।





