नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी अपने पालतू कुत्ते के साथ संसद परिसर पहुंचीं। उनके इसी कदम ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने इसे संसद की मर्यादा के खिलाफ बताया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
BJP सांसद भड़के – यह संसद का अपमान है
डुमरियागंज से भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि संसद देश की नीतियों पर गंभीर चर्चा का मंच है, न कि पालतू जानवरों को घुमाने की जगह। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा करना सांसद को मिले विशेषाधिकारों का दुरुपयोग है और लोकतंत्र पर कुठाराघात है। बीजेपी सांसद ने आगे कहा कि अगर वह सांसद और उनके कुछ विशेषाधिकार हैं, तो उनको अमर्यादित आचरण नहीं करना चाहिए.यह सदन सांसदों के लिए है।
रेणुका चौधरी का पलटवार – काटने वाले अंदर बैठे हैं
विवाद बढ़ने के बाद रेणुका चौधरी ने कहा कि उनका कुत्ता किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता। उन्होंने तंज करते हुए कहा, “काटने वाली और हैं पार्लियामेंट के अंदर। उन्होंने पूछा कि यदि संसद में कुत्ते के प्रवेश पास का नियम है, तो उसके लिए पास भी बना दिया जाए। रेणुका चौधरी ने विवाद के बीच संसद सत्र की अवधि कम किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों से डर रही है, इसलिए एक महीने के सत्र को घटाकर 15 दिन कर दिया गया।
क्या कहते हैं संसद के नियम?
संसद भवन में सुरक्षा और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए पालतू जानवरों का प्रवेश आमतौर पर प्रतिबंधित माना जाता है। इसी आधार पर भाजपा कार्रवाई की मांग कर रही है। इस घटना ने सत्र के पहले दिन ही राजनीति को गरमा दिया है। अब देखना होगा कि लोकसभा या राज्यसभा सचिवालय इस पर क्या कदम उठाता है और क्या इस विवाद का असर सत्र के कामकाज पर भी पड़ेगा।




