नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । देश में कई लोग नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से किराए के घरों में रहते हैं। बड़े शहरों जैसे मुंबई और दिल्ली में घर खरीदना हर किसी के लिए आसान नहीं है, इसलिए किराए पर रहना उनकी मजबूरी बन जाता है। दुर्भाग्यवश, कई बार मकान मालिक बिना किसी वजह किराया बढ़ा देते हैं, अतिरिक्त सुरक्षा जमा की मांग करते हैं या घर खाली करने के लिए दबाव डालते हैं। इन परेशानियों से निजात दिलाने के लिए सरकार ने Rent Agreement Rules 2025 लागू किए हैं। नए नियमों के तहत किराएदारों के अधिकार मजबूत होंगे और मकान मालिकों की मनमानी पर कानूनी रोक लगाई जाएगी। आइए इस नए नियमों के बारे में विस्तार बताते हैं।
जाने क्या है रेंट एग्रीमेंट नियम 2025 ?
सरकार ने नए रेंट एग्रीमेंट नियम 2025 के जरिए मकान मालिक और किराएदार के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया है। अब किराया बढ़ाने के लिए मकान मालिक को तय नियमों का पालन करना होगा। वह केवल साल में एक बार ही किराया बढ़ा सकते हैं और वह भी तब जब किराए की अवधि 12 महीने पूरी हो चुकी हो। इसके लिए मकान मालिक को किराएदार को कम से कम 90 दिन पहले लिखित नोटिस देना अनिवार्य होगा, ताकि किराएदार के पास तैयारी का पर्याप्त समय हो।
घर में किसी तरह की तकनीकी या संरचनात्मक खराबी आने पर उसे ठीक करवाने की जिम्मेदारी मकान मालिक की होगी। यदि मकान मालिक 30 दिनों के भीतर मरम्मत नहीं कराते हैं, तो किराएदार स्वयं मरम्मत करवा सकता है और खर्च को किराए से काट सकता है। इसके अलावा, नियम में यह भी कहा गया है कि रेंट एग्रीमेंट साइन होने के 60 दिन के भीतर डिजिटल स्टैंप और ऑनलाइन रजिस्ट्री कराना अनिवार्य होगा। इसका मकसद यह है कि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद से बचा जा सके और दोनों पक्षों के अधिकार सुरक्षित रहें।
मकान मालिक की मनमानी पर अब पूरी रोक
रेंट एग्रीमेंट नियम 2025 के अनुसार, मकान मालिक अब किराएदार पर मनमर्जी नहीं कर सकते। नियम तय करता है कि किराएदार से दो महीने से अधिक का सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं लिया जा सकता, जबकि कमर्शियल किराए में यह सीमा छह महीने रखी गई है। अगर कोई रेंट एग्रीमेंट रजिस्ट्रेशन नहीं करवाता, तो राज्यों के अनुसार 5,000 रुपये से शुरू होने वाला जुर्माना लगाया जा सकता है। मकान मालिक को किराएदार के कमरे में प्रवेश करने से पहले कम से कम 24 घंटे पहले लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा।
सबसे अहम बदलाव यह है कि किराएदार को निकालना अब केवल रेंटर ट्रिब्यूनल के आदेश से ही संभव होगा। अगर कोई मकान मालिक जबरन निकालने की कोशिश करता है, बिजली-पानी काटता है या डराता-धमकाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




