नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। दिल्ली में 27 साल बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके छह मंत्रियों ने गुरुवार को रामलीला मैदान में शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद नई सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए।
पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए बड़े फैसले
दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना के कार्यान्वयन को मंजूरी दी गई। महिला समृद्धि योजना पर चर्चा की गई, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये देने का वादा किया गया है। दिल्ली विधानसभा के पहले सत्र में 14 लंबित सीएजी रिपोर्ट पेश करने का निर्णय लिया गया। पूर्ववर्ती सरकार से खर्चे का एक-एक पैसे का हिसाब लेने की बात कही गई।
किस मंत्री को कौन-सा विभाग मिला?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता – वित्त, सेवा, सतर्कता, राजस्व, महिला एवं बाल विकास सहित 10 विभाग।
प्रवेश वर्मा – पीडब्ल्यूडी, जल, विधायी मामले, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण।
आशीष सूद – गृह, बिजली, शहरी विकास और शिक्षा।
कपिल मिश्रा – कानून और न्याय, श्रम और रोजगार, पर्यटन।
मनजिंदर सिंह सिरसा – उद्योग, वन एवं पर्यावरण, खाद्य और आपूर्ति।
पंकज सिंह – स्वास्थ्य, परिवहन और सूचना प्रौद्योगिकी।
रविंद्र इंद्राज सिंह – सामाजिक कल्याण, एससी और एसटी कल्याण, सहकारिता और चुनाव।
दिल्ली के विकास के लिए संकल्प
शालीमार बाग से पहली बार विधायक बनीं रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के विकास के लिए एक भी दिन बर्बाद नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार जनता से किए गए सभी वादों को पूरा करेगी। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा समेत कई नेता शामिल हुए। बीजेपी और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी समारोह में भाग लिया, जिनमें देवेंद्र फडणवीस (महाराष्ट्र), चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश), प्रमोद सावंत (गोवा), नायब सिंह सैनी (हरियाणा) और कोनराड संगमा (मेघालय) प्रमुख थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए मुख्यमंत्री को बधाई दी और विश्वास जताया कि रेखा गुप्ता पूरे जोश के साथ दिल्ली के विकास के लिए काम करेंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जमीनी स्तर से उठकर आई हैं और उनके पास प्रशासन का अच्छा अनुभव है। नई दिल्ली की सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनकी टीम ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम उठाने का संकेत दिया है। आगामी दिनों में दिल्ली में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।





