नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) में बड़े राजनीतिक फैसले लिए जा रहे हैं। इस बार मुख्य मुद्दा बना राज ठाकरे और उनके गठबंधन में शामिल होने या रणनीति पर प्रभाव।
MVA के सभी सहयोगी दल यह तय करने में जुटे हैं कि राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को गठबंधन में शामिल किया जाए या नहीं। माना जा रहा है कि इस निर्णय से चुनावी रणनीति और सीट वितरण पर बड़ा असर पड़ सकता है।
दरअसल, राज ठाकरे को महाविकास आघाड़ी में शामिल करने को लेकर बीती 8 सितंबर की रात उद्धव ठाकरे के घर चर्चा हुई। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार, बालासाहेब थोराट और अमीन पटेल ने शिवसेना UBT प्रमुख उद्धव ठाकरे से उनके मातोश्री आवास पर मुलाकात की।
मीटिंग में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
माना जा रहा है कि इस बैठक में महाविकास अघाड़ी में मनसे को शामिल करने या न करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने ठाकरे के साथ शिवसेना UBT और मनसे के संभावित गठबंधन, विधान परिषद में विपक्षी नेता पद पर कांग्रेस की दावेदारी और आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव पर भी बातचीत की।
दोनों घटक दलों में मंथन जारी?
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से शिवसेना यूबीटी और मनसे के बीच संभावित राजनीतिक गठबंधन को लेकर गहन चर्चा चल रही है। महाविकास अघाड़ी में उद्धव ठाकरे की शिवसेना, कांग्रेस और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शामिल हैं। इसलिए मनसे को गठबंधन में शामिल करने के लिए अन्य दोनों घटक दलों से भी विचार-विमर्श करना आवश्यक है।
विधान परिषद में विपक्षी नेता पद का दावा पेश करेगी कांग्रेस
अगर उद्धव ठाकरे मनसे के साथ गठबंधन करना चाहते हैं, तो उन्हें महाविकास अघाड़ी में अपनी भूमिका स्पष्ट करनी होगी। कांग्रेस नेताओं ने भी कहा है कि दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सलाह-मशविरा करने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि कांग्रेस मनसे को गठबंधन में शामिल करने के पक्ष में है या नहीं।
इस बीच, कांग्रेस विधान परिषद में विपक्षी नेता पद के लिए दावा पेश करेगी, और इस पद पर सतेज पाटिल को नियुक्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है।





