नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने UPSC में लेटरल एंट्री को लेकर केंद्र सरकार पर जबरदस्त हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लेटरल एंट्री के जरिए खुलेआम SC-ST और OBC के आरक्षण को छीन रही है। बता दें कि, संघ लोक सेवा आयोग ने शनिवार को 45 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन दिया था। जिसमें 10 संयुक्त सचिव और 35 निदेशक/उपसचिव के पद शामिल हैं। इन्हें अनुबंध के आधार पर लेटरल एंट्री के माध्यम से भरा जाना है।
सामाजिक न्याय को चोट पहुंचा रही है केंद्र सरकार
राहुल गांधी ने एक्स पर इसके विरोध में एक पोस्ट लिखा है। जिसमें उन्होंने लेटरल भर्ती को प्रशासनिक ढांचे और सामाजिक न्याय को चोट पहुंचाने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि इस देश विरोधी कदम का INDIA गठबंधन खुलकर विरोध करेगा।
संविधान पर किया जा रहा हमला
राहुल गांधी ने पोस्ट में लिखा कि नरेंद्र मोदी संघ लोक सेवा आयोग की जगह ‘राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ’ के ज़रिए लोकसेवकों की भर्ती कर संविधान पर हमला कर रहे हैं. केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में महत्वपूर्ण पदों पर लेटरल एंट्री के ज़रिए भर्ती कर खुलेआम SC, ST और OBC वर्ग का आरक्षण छीना जा रहा है. मैंने हमेशा कहा है कि टॉप ब्यूरोक्रेसी समेत देश के सभी शीर्ष पदों पर वंचितों का प्रतिनिधित्व नहीं है, उसे सुधारने के बजाय लेटरल एंट्री द्वारा उन्हें शीर्ष पदों से और दूर किया जा रहा है.यह UPSC की तैयारी कर रहे प्रतिभाशाली युवाओं के हक़ पर डाका और वंचितों के आरक्षण समेत सामाजिक न्याय की परिकल्पना पर चोट है।
IAS का निजीकरण आरक्षण खत्म करने की मोदी की गारंटी है
राहुल गांधी आगे लिखते हैं कि चंद कॉरपोरेट्स के प्रतिनिधि निर्णायक सरकारी पदों पर बैठ कर क्या कारनामे करेंगे इसका ज्वलंत उदाहरण SEBI है, जहां निजी क्षेत्र से आने वाले को पहली बार चेयरपर्सन बनाया गया. प्रशासनिक ढांचे और सामाजिक न्याय दोनों को चोट पहुंचाने वाले इस देश विरोधी कदम का INDIA मजबूती से विरोध करेगा. IAS का निजीकरण आरक्षण खत्म करने की मोदी की गारंटी है.’
बता दें कि, लेटरल भर्ती का सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने भी विरोध किया है। इसे बाबा साहब के संविधान एवं आरक्षण की धज्जियां उड़ाना बताया है।





