नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। 18वीं लोकसभा सत्र में बीते दिन नेता विपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलते हुए सत्ता पक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान आज मंगलवार को राहुल गांधी के दिए गए भाषण से कुछ अंशों को सदन की कर्यवाही से हटा दिया गया हैं। अब भाषण से कुछ अंशों को हटाने के बाद राहुल गांधी की प्रतिक्रिया सामने आई है। राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी की दुनिया में सच्चाई को मिटाया जा सकता है लेकिन हकीकत में सच्चाई को मिटाया नहीं जा सकता है। जो मैंने कहा और जो मुझे कहना था मैंने कह दिया, वह सच्चाई है, अब उन्हें जो मिटाना है मिटाएं। इसके साथ राहुंल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी भी लिखी हैं।
भाषण के अंश को लोकसभा की कार्यवाही से हटाए जाने पर राहुल की आपत्ती
आपको बता दें कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपने भाषण के कुछ हिस्सों को कार्यवाही से हटाने के खिलाफ स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखी हैं। उन्होंने अपने भाषण के अंश को लोकसभा की कार्यवाही से हटाए जाने को संसदीय लोकतंत्र की भावना के खिलाफ बताया हैं। और कहा है कि मेरे भाषण के हटा दिए गए हिस्सों को फिर से बहाल किया जाना चाहिए। इसके साथ उन्होंने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के स्पीच से केवल एक शब्द हटाने को लेकर भी अपात्ति जाहिर की हैं।
वो सच्चाई को नहीं मिटा सकते हैं- राहुल गांधी
इससे पहले संसद परिसर में संवाददाताओं से राहुल गांधी ने कहा था कि जो सच था मैने कह दिया था। वे जितना चाहें उतना मिटा सकते हैं, लेकिन सच्चाई कायम रहेगी। क्योंकि सत्य को हटाया नहीं जा सकता हैं। वे जितना चाहें उतना हटा सकते हैं। सत्य तो सत्य है। आपको बता दें कि नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अपने पहले संबोधन के दौरान सत्तारूढ़ दल के नेताओं पर लोगों को सांप्रदायिक आधार पर विभाजित करने का आरोप लगाया था। राहुल गांधी ने अपने भाषण में हिंदू, अग्निवीर, अल्पसंख्यकों और हिंसा से संबिधित शब्दों का उपयोग किया था। जिसके बाद राहुल गांधी के हिंदू धर्म पर की गई बात पर हंगामा खड़ा हो गया।
क्या कहा था राहुल गांधी ने?
दराअसल, कल संसद में राहुल गांधी ने भगवान शिव, गुरु नानक और ईसा मसीह की तस्वीरें दिखाते हुए अपने भाषण की शुरुआत की। उन्होंने भगवान शिव के गुणों और गुरु नानक, ईसा मसीह, बुद्ध और महावीर की शिक्षाओं का हवाला देते हुए कहा कि देश के सभी धर्मों और महान लोगों ने कहा है “डरो मत, डराओ मत”। इसके बाद राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर जमकर निशाना साधा। इसके साथ राहुल गांधी ने चर्चा के दौरान हिंदू धर्म को लेकर बड़ी बात कह दी, जिसे लेकर हंगामा खड़ा हो गया। राहुल गांधी ने कहा कि ये जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं, ये हिंदू नहीं हैं, अयोध्या की जनता के मन में बीजेपी ने भय डाला, हिंदू डर नहीं फैला सकता। इसके बाद उन्होंने भगवान शिवजी की तस्वीर लहराई और साथ ही ये कहा कि बीजेपी डर फैला रही है।
राहुल गांधी के भाषण हटे ये शब्द
राहुल गांधी के भाषण के बाद भाजपा ने इसका जमकर विरोध किया। भाषण को दौरान संदन में खूब हंगामा हुआ। जिसके बाद आज राहुल गांधी के भाषण के कुछ अंश हिंदू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी, आरएसएस, उद्योगपति अडानी, अंबानी और अग्निवीर योजना पर की गई टिप्पणियों को हटा दिया गया। जिसके बाद राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी भी लिखी हैं।
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