नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। तीन महीने पहले नशे की हालत में गाड़ी चलाते हुए दो लोगों को रौंदने वाले Pune Porsche Case के नाबालिग आरोपी ने 15 दिन का सेफ ड्राइविंग कोर्स पूरा कर लिया है। वहीं, इस मामले में सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने जानकारी दी कि गिरफ्तार किए गए दोनों लोग ब्लड सैम्पल बदलने में संलिप्त थे।
माता-पिता के खिलाफ भी हुआ था केस दर्ज
इससे पहले जुलाई में पुणे क्राइम ब्रांच में नाबालिग आरोपी के माता-पिता, ससून अस्पताल के डॉक्टर्स और दो अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। उन पर सबूतों के साथ छेडछाड़ करने और ब्लड सैंपल की अदलाबदली करने के आरोप लगाया गया था।
19 मई 2024 को हुई थी घटना
दरअसल घटना 19 मई की है जब एक पॉर्श्चे गाड़ी ने दो IT प्रोफेश्लन्स को पुणे के कल्याणी नगर इलाके में टक्कर मार दी थी। दोनों लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। इस समय नाबालिग गाड़ी चालक नशे में धुत था।
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी को बेल दी थी
इस घटना के बाद जुवेलाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी को बेल दे दी थी। उनके बेल की कंडीशन पर आरोपी को रोड सेफ्टी पर 300 शब्द का निबंध लिखने के लिए कहा गया था। इसमें उसे जिम्मेदार तरीके से गाड़ी चलाने और लापरवाही से गाड़ी चलाने के परिणाम क्या होते हैं इस बारे में बताने के लिए कहा गया था। हालांकि, बाद में जब बवाल बढ़ा तब आरोपी को दोबारा गिरफ्तार किया गया था। जिसे 25 जून को बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत पर रिहा किया था और ये कंडीशन रखी थी कि नाबालिग को अपनी बुआ के पास रहना होगा।
पुणे पुलिस ने दायर की 900 पेज की चार्जशीट
इस मामले में पुलिस ने 900 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। यह चार्ज शीट 7 लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी जिसमें नाबालिग आरोपी के माता-पिता भी शामिल हैं। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में नाबालिग के खिलाफ मामला चल रहा है।
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