नई दिल्ली रफ्तार डेस्क – जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर मोदी सरकार को सलाह दे दी है कि मुस्लिम समुदाय को भरोसे में लेकर कानून लागू किया जाए। प्रशांत किशोर ने कहा कि उन सभी समुदायों को भरोसे में लेना चाहिए जिन पर वह कानून लागू होने वाला है। जब तक सरकार ऐसा नहीं करती तब तक कानून लागू नहीं किया जा सकता।
“UCC लागू करने से पहले मुस्लिम समुदाय को भरोसे में लिया जाए”
प्रतिष्ठित न्यू न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए प्रशांत किशोर से जब यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर सवाल किया गया तब उन्होंने कहा की जो भी समुदाय किसी भी कानून को लागू करने से प्रभावित हो सकते हैं सरकार को उन समुदायों से बात करने के बाद ही कानून लागू करना चाहिए। अगर UCC को लागू करना है तो देश के 20% मुसलमान समुदायों को भरोसे में लिया जाना बेहद जरूरी है। सरकार अगर बिना भरोसे में लिए किसी भी कानून को लागू करती है तो विरोध प्रदर्शन होने स्वाभाविक है।
कृषि कानून का दिया हवाला
प्रशांत किशोर ने कृषि कानून का जिक्र करते हुए समाचार एजेंसी ANI को बताया कि केंद्र सरकार जब कृषि कानून को लेकर आई थी तो भी किसानों द्वारा इसका विरोध सिर्फ इसीलिए किया गया था क्योंकि कानून लाते समय किसानों की राय नहीं ली गई थी। विरोध को देखते हुए अंतत सरकार को कृषि कानून को वापस लेना पड़ा था। कुछ ऐसा ही यूनिफॉर्म सिविल कोड में भी होता हुआ दिखाई दे रहा है।
उल्लेखनीय है कि प्रशांत किशोर ने जान स्वराज नाम का राजनीतिक दल बनाकर बिहार चुनाव लड़ने की घोषणा की है। ऐसे में विरोधी उनपर मुस्लिम तुष्टिकरण करने का आरोप लगाते हुए दिख रहे हैं। बता दें कि हाल ही में प्रशांत किशोर ने मुस्लिम समुदाय को संबोधित करते हुए कहा था कि दलितों के साथ-साथ मुसलमान समुदाय की भी स्थिति खराब है क्योंकि वह उसको समर्थन दे देते हैं जो बीजेपी को हराने की बात कहता है, फिर चाहे वह अच्छा नेता हो या नहीं।




