नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भोपाल में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान और आतंकवाद पर कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “अब गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा। घर में घुसकर मारेंगे।” पीएम ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवाद के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान है, जिसमें भारतीय सेना ने आतंकियों के ठिकानों को सैकड़ों किलोमीटर अंदर जाकर तबाह कर दिया।
महिलाओं की ताकत का मंच बना भोपाल
प्रधानमंत्री मोदी भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित लोकमाता देवी अहिल्याबाई महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्याबाई भारत की सांस्कृतिक विरासत की रक्षक थीं। जब देश के मंदिरों और तीर्थ स्थलों पर हमले हो रहे थे, तब उन्होंने उनका संरक्षण किया और काशी विश्वनाथ सहित कई मंदिरों का पुनर्निर्माण कराया।
“इच्छाशक्ति हो तो सब संभव है” – मोदी
पीएम मोदी ने कहा, “आज हमारे सभी बड़े स्पेस मिशनों में महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। Chandrayaan-3 में 100 से ज्यादा महिला वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने काम किया।” उन्होंने महिला शक्ति को देश की प्रगति का मूल बताया। इस सम्मेलन की खास बात यह रही कि पूरे आयोजन की जिम्मेदारी महिलाओं को सौंपी गई थी। मंच संचालन, सुरक्षा, हेलीपैड से लेकर साइट मैनेजमेंट तक हर स्तर पर महिलाएं जिम्मेदार थीं। सिंदूर रंग की साड़ियों में 15,000 महिलाएं पीएम का स्वागत करने पहुंचीं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ को मिला बड़ा मंच
भोपाल में हर जगह ऑपरेशन सिंदूर के पोस्टर लगाए गए। यह वही ऑपरेशन है जिसमें सेना ने आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। यह महिला सम्मेलन ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहला बड़ा सार्वजनिक आयोजन था।
प्रधानमंत्री ने दी मध्य प्रदेश को कई सौगातें
देवी अहिल्याबाई के सम्मान में डाक टिकट और 300 रुपये का विशेष सिक्का जारी किया।
एक महिला कलाकार को राष्ट्रीय देवी अहिल्याबाई पुरस्कार दिया गया।
उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारी के तहत क्षिप्रा नदी पर 860 करोड़ रुपये के घाटों का शिलान्यास।
दतिया और सतना हवाई अड्डों का उद्घाटन, जिससे विंध्य क्षेत्र में पर्यटन और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा।
इंदौर मेट्रो की येलो लाइन पर यात्री सेवाओं की शुरुआत।
1,271 अटल ग्राम सुशासन भवनों के निर्माण के लिए 480 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी।
सीएम मोहन यादव का बयान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “प्रधानमंत्री का यह दौरा महारानी अहिल्याबाई को समर्पित है। वे उनके दिखाए रास्ते पर काम कर रहे हैं। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण, राष्ट्र सुरक्षा और सांस्कृतिक गौरव का एक अनूठा संगम बना, जिसमें भारत की नारी शक्ति ने पूरे आत्मविश्वास से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।





