नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क: महाराष्ट्र के थाणे जिले में स्थित एक सरकारी अस्पताल में 9 साल के बच्चे के प्राइवेट पार्ट की सर्जरी कर दी गई। जबकि सर्जरी उसके पैर की होनी थी। मामला सामने आने के बाद परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है।
शाहपुर के सिविल अस्पताल में हुई सर्जरी
गौरतलब है कि 9 साल के इस बच्चे की सर्जरी थाणे जिले में आने वाले शाहपुर के एक सिविल अस्पताल में की गई। इस मामले में परिजनों की शिकायत पर एक जांच कमेटी बनाई गई है। वहीं डॉक्टरों ने कहा है कि जो भी हुआ वो कंफ्यूजन की वजह से हुआ।
खेल के दौरान पैर में लग गई थी चोट
पैरेंट्स ने बताया कि उनका बेटा पिछले महीने अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था। खेल खेल में उसके पैर में चोट लग गई। चोट के पास इन्फेक्शन हो गया। जिसके बाद उसे अस्पताल लाया गया। बच्चे को 15 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर डॉक्टरों ने पैर की जगह उसके प्राइवेट पार्ट का ऑपरेशन कर दिया। परिजनों के अनुसार ये ऑपरेशन स्वप्निल नाम के डॉक्टर ने किया था।
बच्चे को घर ले जाने से परिजनों ने किया मना
परिजनों ने बताया कि जब डॉक्टरों को इस बारे में बताया गया तो वो बच्चे को फिर से ऑपरेशन थियेटर में ले गए और उसके पैर का ऑपरेशन किया। जिसके बाद परिजनों ने बच्चे को घर ले जाने से मना कर दिया। परिजनों ने मांग की कि डॉक्टर इस बात की लिखित में दे कि उसके बच्चे को कुछ नहीं होगा।
हंगामा बढ़ने के बाद अस्पताल के हेल्थ ऑफिसर गजेंद्र पवार ने कहा कि बच्चे के पैर में इन्फेक्शन के अलावा उसके प्राइवेट पार्ट में फिमोसिस की भी समस्या थी। जिसके कारण उसके प्राइवेट पार्ट का ऑपरेशन कर दिया गया।
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