नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने का ऐलान किया है। इन फैसलों का सीधा असर पाकिस्तान की पहले से डगमगाई अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला है। भारत ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय व्यापार रोकने का निर्णय लिया है। भारत से पाकिस्तान को रसायन, फल-सब्जियां, दवाएं, मुर्गी पालन फीड और सूखे मेवे जैसे जरूरी सामान जाते हैं। अब इन चीजों की सप्लाई बंद होने से पाकिस्तान में भारी कमी हो सकती है।
चावल 340, चिकन 800: महंगाई से कराह रहा है पाकिस्तान
पाकिस्तान में पहले ही महंगाई चरम पर है। रिपोर्ट के अनुसार वहां चावल 340 रुपये किलो और चिकन 800 रुपये किलो तक पहुंच चुका है। अगर भारत से व्यापार पूरी तरह रुकता है, तो खाने-पीने की चीजें और भी महंगी हो सकती हैं। मार्च 2025 तक पाकिस्तान की औसत मुद्रास्फीति 5.5% से 7.5% के बीच रह सकती है। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट कहती है कि इस साल करीब 1 करोड़ लोगों को भूखमरी का सामना करना पड़ सकता है। खराब जलवायु के कारण चावल और मक्का जैसी फसलों को भी नुकसान हो रहा है।
अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहा पाकिस्तान
पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। इससे उसकी आमदनी पर बुरा असर पड़ेगा। 2019 में भी उसने ऐसा किया था, जिससे उसे करीब 100 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था।
पहलगाम हमला बन सकता है पाकिस्तान के लिए आत्मघाती कदम
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही थी। लेकिन अब भारत के सख्त रुख के चलते उसकी हालत फिर से बिगड़ सकती है। राजनयिक संबंधों में कटौती, सार्क वीजा रद्द और सिंधु जल समझौते को रोकने जैसे फैसलों का सीधा असर पहले ही कर्ज में डूबा पाकिस्तान अब और बड़ी आर्थिक मुसीबत में फंस सकता है। अगर हालात नहीं सुधरे, तो उसे फिर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आर्थिक मदद के लिए कटोरा लेकर खड़ा होना पड़ सकता है।




