नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 1999 के कारगिल युद्ध में अपनी भूमिका को लेकर पाकिस्तान हमेशा से अपने देश के लोगों को भ्रम में रखा। वो अबतक ये नकारता रहा कि कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सेना की कोई भूमिका थी। लेकिन अब 25 सालों के बाद पाकिस्तानी सेना ने इस सच को मान लिया है कि भारत के खिलाफ 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सेना शामिल थी।
रक्षा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे जनरल असीम मुनीर
दरअसल रक्षा दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने भारत के साथ अलग-अलग युद्धों में मारे गए पाकिस्तानी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने कारगिल युद्ध में भी मारे गए सैनिकों को भी श्रद्धांजलि दी। इससे पहले पाकिस्तान हमेशा से कारगिल युद्ध के संबंध में टिप्पणी करने में सावधानी बरतता था।
पाकिस्तान बहादुरों का समूह है- मुनीर
जनरल मुनीर ने अपने दिये संबोधन में कहा कि “पाकिस्तान बहादुरों का समूह है जो आजादी के महत्व को समझता है और आजादी के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “चाहे 1948 हो, 1965 हो, 1971 हो या 1999 का कारगिल युद्ध हो हजारों सैनिकों ने देश और इस्लाम के लिए अपनी कुर्बानी दी है” गौरतलब है कि पाकिस्तान लंबे समय से कागरिल युद्ध को लेकर अपनी भूमिका को नकारता रहा है। वो कहता था कि इस हमले को मुजाहिदीनों ने अंजाम दिया था।
पाकिस्तानी सेना को खानी पड़ी थी करारी हार
जनरल मुनीर के इस बयान से ये साबित होता है कि कारगिल में पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई थी। कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना ने कश्मीर में घुसकर कई महत्वपूर्ण रणनीतिक ठिकानों पर कब्जा कर लिया था जिसके बाद भारत ने इसका करारा जवाब दिया था। इस युद्ध में पाकिस्तान की करारी हार हुई थी। जिसके बाद अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को उस समय के पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को कारगिल से पाकिस्तानी सेना के जवानों को वापस बुलाने का आदेश देना पड़ा।




