नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में आतंकी इतनी आसानी से कैसे घुस आए और 40 मिनट तक हमला करने के बाद बिना पकड़े कैसे भाग निकले? स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जब तक हम अपने देश में छिपे गद्दारों को नहीं पहचानेंगे, तब तक सिर्फ देश की सुरक्षा पर बातें होती रहेंगी। उन्होंने पूछा कि सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और हमलावरों की पहचान हमले के बाद ही क्यों हो पाई?
सरकार से गहराई से जांच की मांग
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मोदी सरकार से इस हमले की गहराई से जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की जनता को जवाब चाहिए कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और आतंकवादी इतने लंबे समय तक खुलेआम कैसे घूमते रहे?
“धीरेंद्र शास्त्री आतंकियों की भी पर्ची निकालें”
जब उनसे बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के बारे में पूछा गया, तो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अगर वे सबकी पर्ची निकाल सकते हैं तो आतंकवादियों की भी एक पर्ची निकालें। इससे देश को भी हमलावरों के बारे में पहले ही पता चल सकता था।
“हिंदू गांव बनाने की क्या जरूरत?”
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने धीरेंद्र शास्त्री के हिंदू राष्ट्र बनाने के बयान पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिन गांवों को हिंदू गांव घोषित किया गया है, वे तो पहले से ही हिंदू बहुल थे। ऐसे में फिर से उन्हें हिंदू गांव बनाने का दावा क्यों किया जा रहा है? शंकराचार्य ने सरकार से इस पूरे मामले की गहन समीक्षा करने की मांग की और कहा कि जब तक हम अपने अंदर छिपे दुश्मनों को नहीं पहचानेंगे, तब तक देश की सुरक्षा को लेकर सिर्फ बयानबाज़ी होती रहेगी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सुरक्षा तंत्र की इतनी बड़ी चूक कैसे हुई ? आतंकवादी इतने समय तक खुलेआम कहर बरपाते रहे। हमले के तुरंत बाद ही उनके पास आतंकियों के नाम आ जाते हैं और तस्वीर सामने आ जाती है, यह सब हमले से पहले भी तो आ सकता था। शंकराचार्य का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पूरे देश में इस हमले को लेकर आक्रोश फैला हुआ है और लोग सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।




