नई दिल्ली/ रफ्तार डेस्क । बहुजन समाज पार्टी (BSP ) की मुखिया और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नेता चंद्रशेखर आजाद पर लगातार निधाना साध रही है। हाल में उन्होने चंद्रशेखर को बरसाती मेंढक बताकर बड़ा सियासी हमला बोला था। एक बार फिर मायावती ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद का बिना नाम लिए उन पर जुबानी हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि सिर्फ बसपा ही अंबेडकरवादी पार्टी है।
5 जून, गुरुवार को एक प्रेसवार्ता में BSP सुप्रीमो मायावती ने कहा कि यूपी में एक ही पार्टी अंबेडकरवादी है जो कि बसपा है। BSP को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। यूपी में दलित और पिछडो के वोट का ध्रुवीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ पार्टी से सावाधान रहे जो स्वार्थी और अवसरवादी है। इस तरह से संगठन और पार्टी बने है। कुछ लोगों को बहुजन समाज से कुछ लेना-देना नहीं है और पार्टी बनाते हैं।
”BSP को कमजोर करने में लगे हैं कुछ संगठन”
मायवती ने कहा कि, कुछ दलित संगठन और पार्टी हमारी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। यहां दलितों और पिछड़े वर्गों को गुमराह किया जा रहा है। BSP को मजबूत होता देखकर विपक्ष की जातिवादी पार्टियां दुखी हैं। विशेषकर दलित वर्ग से जुड़े संगठनों और पार्टियों को सक्रिय करके, उनसे कार्यक्रम करके दलितों को गुमराह करने में लगी है।
मायावती ने दावा किया कि ये अवसरवादी संगठन या पार्टियां इन जातिवादी पार्टियों के हाथों में खेल रही हैं। ये BSP के भोले भाले लोगों को अपने संगठनों के नाम में जुड़ कर अपनी बैठकों में मान्यवर कांशीराम और मेरा नाम ले रहे हैं।
इससे विशेष वर्गो का भल नही होगा- मायावती
पूर्व सीएम बसपा की मुखिया ने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए बैलेट पेपर पर चुनाव करने की मांग की है। उन्होने कहा कि अगर बैलेट पेपर से चुनाव होंगे तो बीएसपी के वो अच्छे दिन लौट आएंगे। कांग्रेस, बीजेपी, समाजवादी पार्टी के इशारे पर बीएसपी को कमजोर करने वाले स्वार्थी संगठनों और पार्टियों के नेता भले ही सांसद-मंत्री बन जाएं, लेकिन इनसे इस वर्ग का कोई भला नहीं होने वाला है।।
पहलगाम हमले पर राजनीति न हो- मायावती
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि ईवीएम मशीन में हेराफेरी कर हमारी पार्टी के उम्मीदवारों को हराया जा रहा है। हमारी पार्टी और सारी ओपजिशन पार्टी चाहती है की देश में सारा चुनाव बैलेट पेपर से हो। इसके अलावा, मायावती ने कहा कि पहलगाम हमले को लेकर देश में सियासत हो रही है। जो की गलत है इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।





