नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अनियमितताओं को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बाराबंकी स्थित श्रीरामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय में अनियमितताएं सामने आने के बाद सरकार ने पूरे प्रदेश में जांच के आदेश जारी किए हैं।
18 मंडलों में बनेगी विशेष जांच टीम
सरकार के आदेश के अनुसार, हर मंडलायुक्त अपने-अपने मंडल के सभी जिलों के लिए अलग-अलग विशेष जांच टीम गठित करेंगे। इन टीमों में शामिल होंगे एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एक पुलिस विभाग का अधिकारी, एक शिक्षा विभाग का अधिकारी संस्थानों से शपथ पत्र लेना होगा अनिवार्य जांच टीम प्रत्येक शैक्षणिक संस्था से शपथ पत्र लेगी, जिसमें यह स्पष्ट होना चाहिए कि केवल मान्यता प्राप्त कोर्स ही संचालित किए जा रहे हैं। सभी कोर्स की सूची और उनके मान्यता-पत्र मौजूद हैं। किसी भी छात्र का प्रवेश बिना मान्यता वाले कोर्स में नहीं हुआ है।
अवैध प्रवेश पर सख्त सजा
अगर जांच में पाया गया कि किसी संस्थान ने बिना मान्यता प्राप्त कोर्स चलाया है या अवैध प्रवेश कराया है, तो संस्था पर कठोर कार्रवाई होगी। छात्रों से लिया गया पूरा शुल्क ब्याज सहित लौटाना होगा। 15 दिन में रिपोर्ट सौंपना अनिवार्य जांच प्रक्रिया को तुरंत शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। हर जिले की रिपोर्ट को 15 दिन के भीतर सरकार को भेजना होगा। मंडलायुक्त पूरी जांच प्रक्रिया पर सीधी निगरानी रखेंगे ताकि लापरवाही न हो। इस आदेश के बाद यूपी के सभी शैक्षणिक संस्थानों में हलचल मच गई है। अब देखना होगा कि जांच के बाद कितने संस्थानों पर गाज गिरती है, इस जांच पर वहां के मण्डलायुक्त नजर रखेंगे,यानी जांच कमेटी की निगरानी पर कमिश्नरी में वहां के मण्डलायुक्त करेंगे। साफ है कि सीएम इस मामले में श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में हुए विवाद, छात्रों पर लाठी चार्ज और उसके बाद ABVP के प्रदर्शन के बाद लगातार एक्शन में है।




