नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI ने Spam Message और कॉल्स पर लगाम कसने के लिए नए नियम तय किए हैं। ये नियम 1 सितंबर से लागू हो जाएंगे। इससे जुड़े गाइडलाइंस सभी टेलीकॉम रेग्यूलेटर्स को जारी कर दी गई हैं। एयरटेल, जियो, वोडाफोन-आइडिया, बीएसएनएल सभी को यह साफ बता दिया गया है कि किस तरीके से इन प्रमोशनल और ट्रांजेक्शनल कॉल्स और मैसेज को हैंडल करना है।
TRAI के नए नियम 1 सितंबर से हो जाएंगे लागू
यह नये नियम 1 सितंबर से लागू किए जाएंगे। सभी कमर्शियल मैसेजेस को एक स्पेसिफिक नंबर सीरीज का प्रयोग करना होगा जैसे प्रमोशनल कॉल्स के लिए यह सीरीज 140 होगी और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के लिए 160 नंबर की सीरिज चलेगी। इस कदम से टेलीकॉम यूजर्स के साथ धोखाधड़ी और स्कैम्स पर रोक लगाई जा सकेगी। कंपनियां अब उन यूजर्स को url, ott, links, call back request नहीं भेज सकेंगी जो उनके नेटवर्क पर रजिस्टर नहीं हैं।
कंपनियां करेंगी मैसेज ट्रैक
कंपनियों की ओर से भेजे गए मैसेज को टेलीकॉम कंपनियों द्वारा ट्रैक भी किया जाएगा। अगर इसमें कोई फर्जी लिंक या call back request होगी तो उसे ब्लॉक कर दिया जाएगा।
नियमों का पालन नहीं करने वालों को भुगतने होंगे सख्त परिणाम
इन नियमों का पालन करने को लेकर सरकार भी सख्त है। टेलीकॉम कंपनियों को वॉर्निंग दी गई है कि अगर कोई कंपनी इन नए नियमों का पालन नहीं करेगी तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसमें ब्लॉकचेन आधारित प्लेटफॉर्म को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि केवल रजिस्टर्ड entities ही आपको प्रमोशनल, फाइनेंशियल और बैंकिंग के मैसेज भेज सकते हैं। सरकार मोबाइल यूजर्स को धोखाधड़ी से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
निर्देशों का पालन नहीं करने पर लगाई जा सकती है पेनेल्टी
अगर कंपनी इन नए निर्देशों का पालन नहीं करती है तो उन पर पेनेल्टी भी लगाई जा सकती है। अगर इसके बाद भी टेलीमार्केटर्स इस तरह की कॉल और मैसेज भेजते हुए पाए जाते हैं तो उनकी सेवाओं पर 2 साल का बैन भी लगाया जा सकता है। हालांकि AI पर बेस्ड फिल्टर्स पर अभी यह नियम लागू नहीं किया गया है। इनकी टेस्टिंग हो रही है। वैसे स्पैम कॉल्स से बचने के लिए आप लोग true caller की सहायता भी ले सकते हैं।





