नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर बीजेपी बैकफुट पर है। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच गया है। NEET-UG की परीक्षा देने वाली एक छात्रा शिवांगी मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। जिसमें वो दोबारा नीट की परीक्षा आयोजित कराने की मांग की है। छात्रा ने आरोप लगाया है कि NEET-UG परीक्षा में धांधली के चलते 67 बच्चों ने परीक्षा में टॉप की है।
क्या है मामला?
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 5 मई को नीट की परीक्षा आयोजित की थी। इस परीक्षा में 24 लाख छात्र शामिल हुए थे। NEET-UG की परीक्षा से पहले ही पेपर लीक होने का मामला सामने आया था लेकिन NTA ने इसे खारिज कर दिया। चुनाव के दौरान छात्र और विपक्षी दलों के द्वारा इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया गया।
अभी ये मामला ठंडा हो ही रहा था कि 4 जून को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने मतगणना के दौरान नीट का रिजल्ट भी जारी कर दिया। रिजल्ट देखकर बच्चों ने हंगामा कर दिया। दरअसल इस परीक्षा में 1-2 नहीं बल्कि 67 बच्चों ने टॉप किया था। परीक्षा में 67 बच्चों ने 720 में से 720 नंबर लाये थे। लोगों का कहना था कि पेपर लीक होने की वजह से इतने बच्चों ने परीक्षा टॉप की है।
एक गलत सवाल की वजह से बने इतने टॉपर
अब इस मामले में NTA का भी जवाब आया है। NTA का कहना है कि एक गलत जवाब की वजह से इतने बच्चों के फुल मार्क्स मिले हैं। NTA का कहना है कि पूरे नंबर पाने वाले 67 बच्चों में से 44 बच्चों को एक गलत सवाल के लिए अलग से नंबर दिए गए। जिसकी वजह से उन सभी के नंबर 720 आ गए।
2015 में भी हुआ था पेपर लीक
2015 में भी नीट परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। इस मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी। हालांकि इस बार मामला अलग है। इस परीक्षा में रिजल्ट भी जारी हो चुका है। मामला कोर्ट में है, इसलिए अब इस मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा।
अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in




