back to top
31.6 C
New Delhi
Sunday, April 5, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

‘नए साल के जश्‍न से दूर रहें मुस्लिम,’ ऑल इंडिया मुस्लिम जमात का अजीबोगरीब फतवा

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने फतवा जारी कर मुस्लिम समुदाय के युवक-युवतियों को न्यू ईयर के जश्न में शामिल न होने की अपील की है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा, नया साल मनाना कोई गर्व की बात नहीं है।

नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क । ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने फतवा जारी कर मुस्लिम समुदाय के युवक-युवतियों को न्यू ईयर के जश्न में शामिल न होने की अपील की है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात की तरफ से यह फतवा जारी किया गया है, जिसमें न्यू ईयर के जश्‍न में मुस्लिम समुदाय के युवक और युवतियों से इस जश्‍न में शामिल न होने को कहा गया है, इतना ही नहीं उन्‍होंने बधाई देने तक के लिए मना किया है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा, न्यू ईयर को मनाना कोई गर्व की बात नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रजवी बरेलवी का कहना है कि यह न्यू ईयर का मतलब ‘अंग्रेजी वर्ष’ की शुरुआत को माना जाता है।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रजवी ने बताया है कि, फतवा चश्मे दरफ्ता बरेली की तरफ से एक फतवा जारी किया गया है, इसमें मुस्लिम समुदाय से न्यू ईयर के जश्न से दूर रहने को कहा गया है, रजवी ने कहा, ‘जो मुस्लिम युवक और युवतियां न्यू ईयर मनाते हैं, उनके लिए यह फतवा जारी किया गया है। इस फतवे में कहा गया है कि न्यू ईयर को मनाना कोई गर्व की बात नहीं है।’

“मुसलमानों को धार्मिक कामों में लगना चाहिए”

उन्होंने कहा, ‘न्‍यू ईयर मनाना हमारी परंपरा में नहीं है, इसलिए न ही इसका जश्न मनाया जाना चाहिए और न ही बधाई दी जानी चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा- इस प्रकार के गैर धार्मिक गतिविधियां ‘मुसलमानों के लिए मनाना बिल्‍कुल वर्जित हैं।’ रजवी ने कहा, ‘हमारी तरफ से नए लड़कों और लड़कियों को न्यू ईयर नहीं मनाने के निर्देश दिए जाते हैं। मुस्लिम समुदाय को न्यू ईयर मनाने से दूर रहना चाहिए।’ उन्होंने कहा है कि मुसलमानों को धार्मिक कामों में लगना चाहिए ना की इस तरह के मनोरंजन वाले काम में। 

The Satanic Verses किताब की बिक्री से खफा मुस्लिम समुदाय

भारत के तमात मुस्लिम संगठनों ने लेखक सलमान रुश्दी की विवादित किताब ‘द सैटेनिक वर्सेज’ की भारत में बिक्री होने पर कड़ी निंदा की है, और इस किताब पर केन्द्र सरकार से पाबंदी न हटाने की अपील की है।

देश में मुसलमानों के प्रमुख संगठन जमीयत उलमा-ए-हिंद (AAM) की उत्तर प्रदेश इकाई के कानूनी सलाहकार मौलाना काब रशीदी ने भारत में रुश्दी की किताब की फिर से बिक्री शुरू होने पर गहरी चिंता जताई है, और उन्‍होंने कहा है कि, ”देश में संविधान का राज है, ऐसे में अगर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी की भावना को ठेस पहुंचाती है तो वह कानूनी अपराध माना जाता है। द सैटेनिक वर्सेज ईश निंदा से भरी किताब है। अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर इस तरह के विवादित बुक बिक्री को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। यह संविधान की आत्मा के खिलाफ है।”

Advertisementspot_img

Also Read:

spot_img

Latest Stories

आभा का मतलब – Abha Name Meaning

Abha Name Meaning – आभा नाम का मतलब :...

जानिए बॉलीवुड की इन हसीनाओं का फिटनेस राज, इस प्रकार अपने आपको रखती हैं फिट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। फिल्म जगत में अक्सर देखा...

Credit Card tips: क्रेडिट कार्ड यूज करते समय न करें ये गलतियां, वरना बढ़ सकता है कर्ज का बोझ

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज के समय में क्रेडिट कार्ड...

RCB vs CSK Live Streaming: कब, कहां और कैसे देखें हाई-वोल्टेज मुकाबला, यहां जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज के दिन के डबल हेडर...

SRH vs LSG: हेड-टू-हेड में किसका दबदबा? आंकड़े देखकर हो जाएंगे हैरान

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵