नई दिल्ली, रफ्तार। देशभर के मोबाइल यूजरों के लिए बडी खबर है। 6 लाख से ज्यादा मोबाइल नंबरों को रद्द किया जा सकता है। इन नंबरों की जांच कराई जा रही और दस्तावेज सत्यापित नहीं होने पर बंद कर दिए जाएंगे। यह कार्रवाई अवैध या फर्जी पहचान प्रमाण-पत्र और पते का प्रमाण-पत्र केवाईसी दस्तावेजों के तौर पर उपयोग करने वालों पर हो सकते हैं।
60 दिनों में पूरा करना है रि-वेरिफिकेशन
धोखाधड़ी से संबंधित केस में इन संदिग्ध नंबरों के इस्तेमाल की आशंका के मद्देनजर दूरसंचार विभाग (DoT) ने सख्त रुख अपनाया है। DoT ने दूरसंचार ऑपरेटरों को फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर जारी कराए गए 6 लाख से धिक संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों के री-वेरिफिकेशन के निर्देश दिए हैं। इस काम के लिए ऑपरेटरों को 60 दिनों का समय मिला है।
अवैध एव फर्जी दस्तावेजों से लिए गए नंबर
DoT ने कहा कि उन्होंने 6.80 लाख मोबाइल कनेक्शनों की पहचान की है। संदेह है कि ये अवैध या नकली और जाली पहचान प्रमाण एवं पते का प्रमाण के जरिए नंबर लिए गए हैं। दूरसंचार विभाग ने अपग्रेड एआई-संचालित विश्लेषण के बाद ऐसे मोबाइल कनेक्शनों की पहचान की है। आशंका जताई गई कि इन नंबरों का इस्तेमाल संभावित रूप से धोखाधड़ी में किया गया है।
अप्रैल में 8272 मोबाइल नंबर किए गए थे बंद
दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम ऑपरेटरों को चिह्नित नंबरों को तुरंत दोबारा सत्यापित करने के निर्देश दिए हैं। यह सभी ऑपरेटरों के लिए अनिवार्य है। उन्हें यह काम 60 दिनों में पूरा करना है। री-वेरिफिकेशन नहीं पूरा करने पर ये नंबर रद्द कर दिए जाएंगे। बता दें, अप्रैल में DoT द्वारा रि-वेरिफिकेशन के लिए 10834 संदिग्ध मोबाइल नंबरों को चिह्नित किया था। इनमें से 8272 मोबाइल कनेक्शन का रि-वेरिफिकेशन नहीं हो सका था। इस कारण उनके कनेक्शन काट दिए गए थे।
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