back to top
24.8 C
New Delhi
Monday, April 6, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

4 लाख से ज्यादा प्रवासी पक्षी कश्मीर पहुंचे

श्रीनगर, 1 नवंबर (आईएएनएस)। विभिन्न प्रजातियों के चार लाख से अधिक प्रवासी पक्षी सर्दियों के महीने बिताने के लिए कश्मीर पहुंच गए हैं। हर साल, प्रवासी पक्षी अपने ग्रीष्मकालीन घरों की अत्यधिक ठंड को दूर करने के लिए साइबेरिया, उत्तरी चीन और उत्तरी यूरोप सहित मध्य एशियाई फ्लाईवे जोन के माध्यम से कश्मीर आते हैं। ये पक्षी अक्टूबर के अंत से अप्रैल के अंत तक घाटी के अपेक्षाकृत कम ठंडे वातावरण में रहते हैं क्योंकि सर्दियों के महीनों के दौरान उनके ग्रीष्मकालीन घर जमे रहते हैं। पक्षी प्रवास एक विज्ञान है जिन्होंने मानव जाति को नेविगेशन के बुनियादी नियम सिखाए हैं। यह पक्षी गर्मियों के घरों से सर्दियों के घरों तक आने-जाने की यात्रा के दौरान झुंड को ले जाता है। आम तौर पर, सबसे पुराना पक्षी, जो हजारों मील लंबे मार्ग से अच्छी तरह परिचित होता है, वो झुंड का नेता होता है। आईएएनएस से बात करते हुए, क्षेत्रीय वन्यजीव वार्डन राशिद नकाश ने कहा कि वर्तमान में हमारे पक्षी भंडार और अन्य आद्र्रभूमि में विभिन्न प्रजातियों के 4 लाख से अधिक प्रवासी पक्षी हैं। ये शुरूआती आगमन हैं क्योंकि हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इनकी संख्या कई गुना बढ़ जाएगी। वर्तमान में, हमारे पास होकरसर पक्षी अभ्यारण्य में लगभग एक लाख प्रवासी पक्षी हैं, एक और लाख हाइगम में और 50,000 शालबाग पक्षी अभ्यारण्य में हैं। इसके अलावा, चटलम में 20,000 पक्षी, वूलर झील में 30,000 और श्रीनगर में डल झील में एक लाख से अधिक पक्षी हैं। वन्यजीव वार्डन ने कहा कि अब तक जो प्रवासी पक्षी यहां पहुंचे हैं, उनमें मुख्य रूप से गीज, मॉलर्ड, पोचार्ड, गडवाल, पिंटेल, वेडर, कूट और आम चैती शामिल हैं। पक्षी अभ्यारण्य के अंदर जल प्रबंधन के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि होकरसर रिजर्व में, पानी वर्तमान में इष्टतम के लिए विनियमित है। हयगाम में जल प्रबंधन के संबंध में हमारे पास कोई समस्या नहीं है, जबकि शालबाग पक्षी रिजर्व में जल प्रबंधन और विनियमन प्रगति पर है। पुलवामा जिले के पंपोर आद्र्रभूमि में हमें जल प्रबंधन अच्छे से किया है। इसी तरह, वुलर झील और डल झील प्राकृतिक रूप से पोषित और जल निकासी वाली हैं। इन आद्र्रभूमि में अवैध शिकार के खतरे के बारे में पूछे जाने पर, वार्डन ने कहा कि होकरसर, हाइगम और शालबुग जैसे पक्षी भंडार के अंदर, जहां विभाग के स्थायी कर्मचारी चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं, हमें शिकारियों का कोई खतरा नहीं है। असुरक्षित, पृथक आद्र्रभूमि में अवैध शिकार एक समस्या बन जाता है। ऐसी असुरक्षित आद्र्रभूमियों के औचक निरीक्षण के दौरान, जब भी शिकार की छिटपुट घटनाएं हमारे संज्ञान में आई हैं, हमने शिकारियों के हथियार जब्त किए हैं और ऐसे अपराधियों के खिलाफ अन्य कानूनी कार्रवाई की है। प्रवासी पक्षियों की शूटिंग 1978 में बनाए गए स्थानीय कानूनों के तहत एक अपराध बन गया था, जिसे भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 द्वारा निरस्त कर दिया गया था, जब अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया है और जम्मू-कश्मीर को एक केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया गया है। रात के साफ आसमान पर या स्थानीय आद्र्रभूमि के पास के गांवों में प्रवासी पक्षियों के झुंड ने ऐतिहासिक रूप से माता-पिता और दादा-दादी को अपने बच्चों को कश्मीर के जीवंत अतीत की भव्य कहानियां सुनाने के लिए प्रेरित किया है। –आईएएनएस एमएसबी/आरजेएस

Advertisementspot_img

Also Read:

छुट्टी रद्द होते ही GenZ कर्मचारी का अनोखा रिएक्शन, एयरपोर्ट से बोलीं- अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । सोचिए, आप फ्लाइट पकड़ने ही वाले हों और तभी ऑफिस से मैसेज आए कि आपकी छुट्टियां रद्द कर दी गई...
spot_img

Latest Stories

आभा का मतलब – Abha Name Meaning

Abha Name Meaning – आभा नाम का मतलब :...

जानिए बॉलीवुड की इन हसीनाओं का फिटनेस राज, इस प्रकार अपने आपको रखती हैं फिट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। फिल्म जगत में अक्सर देखा...

Credit Card tips: क्रेडिट कार्ड यूज करते समय न करें ये गलतियां, वरना बढ़ सकता है कर्ज का बोझ

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज के समय में क्रेडिट कार्ड...

RCB vs CSK Live Streaming: कब, कहां और कैसे देखें हाई-वोल्टेज मुकाबला, यहां जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज के दिन के डबल हेडर...

SRH vs LSG: हेड-टू-हेड में किसका दबदबा? आंकड़े देखकर हो जाएंगे हैरान

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵