नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बुधवार 22 जनवरी को बिहार के मोकामा में पंचमहला थाने के नौरंगा जलालपुर में दिनदहाड़े फायरिंग हुई थी। इस गोलीबारी की घटना का आरोप सोनू-मोनू गैंग और पूर्व विधायक अनंत सिंह पर लगा। शुक्रवार को सोनू ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था जबकि दोपहर होते होते अनंत सिंह ने भी बाढ़ कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसके बाद उन्हें पटना की बेउर जेल भेज दिया गया है। बता दें कि आज ही सोनू ने भी पुलिस के सामने सरेंडर किया था जबकि मोनू की तालाश अभी भी जारी थी।
क्या है पूरा मामला?
शुरुआती जानकारी के मुताबिक सोनू मोनू गैंग ने मुकेश नाम के व्यक्ति (जिसे वह अपना मुनीम बताता है) और उसके परिवार के साथ मारपीट की थी। और उनके घर पर ताला लगा दिया था। इसके बाद अनंत सिंह के समर्थक सोनू मोनू के घर पहुंत गए और तकरीबन 60 राउंड फायरिंग की। दूसरी तरफ से भी फायरिंग होते देख मामला गैंगवार जैसा हो गया जिसके चलते पूरे गांव में दहशत का माहौल छा गया। घटना के बाद सोनू ने अपने बयान में बताया कि जिस परिवार के साथ मारपीट की गई वह उनके 60 लाख रुपये वापस नहीं कर रहा था। जबकि अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि सामने से फायरिंग की गई इसलिए हमारे समर्थकों ने अपने बचाव में जवाबी फायरिंग की।
सोनू गिरफ्तार, मोनू की तालाश
इस घटना के बाद पुलिस ने सोनू मोनू के खिलाफ दबिश दी। शुक्रवार सुबह सोनू ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। बाढ़ के अनुमंडल पुलिस अधिकारी राकेश कुमार ने घटना के बारे में जानकारी दी कि सोनू सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। मोनू सिंह की गिरफ्तारी के लिए भी टीम गठित कर दी गई थी जो जगह जगह दबिश देकर तालाश में लगी हुई हैं।




