नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक में देश के विकास से जुड़े तीन बड़े फैसले लिए गए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पहली बार होने वाली डिजिटल जनगणना 2027 को मंजूरी देते हुए सरकार ने इसके लिए 11,718 करोड़ रुपये का विशाल बजट पास किया है। इसके साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में कोयला उत्पादन को लेकर बड़ा सुधार और किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई।
डिजिटल दौर की ओर बढ़ेगी जनगणना, दो चरणों में पूरा होगा विशाल अभियान
वैष्णव ने कहा कि 2027 की जनगणना पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में आयोजित होगी, जिसकी रूपरेखा डेटा सुरक्षा के सर्वोच्च मानकों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।उन्होंने बताया कि जनगणना का संचालन दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस, 1 अप्रैल से होगा।
सितंबर 2026 दूसरा चरण: जनसंख्या गणना, फरवरी 2027 पहली बार हर घर से जानकारी मोबाइल एप के जरिए ली जाएगी। ऐप हिंदी, अंग्रेज़ी और सभी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा, ताकि कोई भी परिवार अपनी जानकारी आसानी से दे सके।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कोयले में बड़े सुधार को हरी झंडी दे दी है।कोल सेतु नामक पहल के तहत देश अब तेजी से कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भर बन रहा है। इससे न सिर्फ आयात पर निर्भरता खत्म होगी, बल्कि देश को 60 हजार करोड़ रुपये की भारी बचत भी होगी।उन्होंने यह भी बताया कि 2024–25 में भारत ने 1 बिलियन टन कोयला उत्पादन का महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल कर लिया है।
किसानों के हित में बड़ा फैसला, राहत की उम्मीद
कैबिनेट ने किसानों से जुड़े एक महत्वपूर्ण निर्णय को भी मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि यह कदम खेती-किसानी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती देगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी जल्द जारी की जाएगी।
यूनियन कैबिनेट ने शुक्रवार को कोयला उत्पादन और किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने कोयले की नीलामी के लिए नई व्यवस्था ‘कोल सेतु’ को मंजूरी दी है और 2026 के लिए खोपरा का MSP बढ़ाने का फैसला किया है।
कोल उत्पादन में आत्मनिर्भरता: ‘कोल सेतु’ को हरी झंडी
अश्विनी वैष्णव ने कहा, “कोल सेतु योजना के तहत भारत कोयले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे आयात पर निर्भरता समाप्त होगी और देश को 60 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी।”
केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि 2024–25 में भारत ने 1 बिलियन टन कोयला उत्पादन का महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल कर लिया है।उन्होंने कहा, रेल और कोयला उद्योग अब एक तरह के पार्टनर हैं। घरेलू पावर प्लांटों में रिकॉर्ड स्तर का कोल स्टॉक तैयार हो चुका है, जिससे बिजली उत्पादन में कोई बाधा नहीं आएगी।
किसानों के लिए राहत: MSP में वृद्धि
किसानों को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने 2026 के लिए पिसाई वाले खोपरा और गोल खोपरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ा दिया है।
पिसाई वाला खोपरा: ₹12,027 प्रति क्विंटल
गोल खोपरा: ₹12,500 प्रति क्विंटल
इसके लिए NAFED और NCCF नोडल एजेंसियां होंगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह कदम किसानों की आमदनी बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगा।‘कोल सेतु’ योजना से भारत को कोयले में आत्मनिर्भरता मिलेगी और MSP बढ़ोतरी से किसानों को सीधे लाभ। ये दोनों फैसले देश की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती देने में अहम साबित होंगे।





