नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। एम्स पटना में शुक्रवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब रेजिडेंट डॉक्टरों ने काम का बहिष्कार कर हड़ताल शुरू कर दी। आरोप है कि शिवहर से विधायक चेतन आनंद ने अपनी पत्नी और हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों के साथ अस्पताल परिसर में जबरन घुसकर डॉक्टरों और गार्ड से मारपीट की, धमकाया और बंदूक लहराई।
विधायक पर गंभीर आरोप
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) ने एम्स प्रशासन को एक पत्र देकर विधायक चेतन आनंद और उनके सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। RDA का कहना है कि डॉक्टरों को उनके कार्यस्थल पर ही जान से मारने की धमकी दी गई और अस्पताल का एक गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया।
स्वास्थ्य सेवाएं ठप
डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से शुक्रवार को एम्स की ओपीडी, इमरजेंसी और अन्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, विधायक चेतन आनंद ने डॉक्टरों के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि वह और उनकी पत्नी बुधवार रात अपने एक बीमार समर्थक से मिलने एम्स गए थे। वहां अस्पताल कर्मियों ने उन्हें भीतर नहीं जाने दिया और उनकी पत्नी से धक्कामुक्की की गई। चेतन आनंद का दावा है कि उन्हें कुछ देर के लिए बंधक भी बना लिया गया।
दोनों पक्षों ने दर्ज कराई FIR
घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। फुलवारी शरीफ थाना प्रभारी जीएस आलम के अनुसार, दोनों एफआईआर दर्ज कर ली गई हैं और मामले की जांच की जा रही है। पटना एम्स में हुई यह घटना अब तूल पकड़ चुकी है। जहां डॉक्टरों की सुरक्षा का मुद्दा उठ रहा है, वहीं एक जनप्रतिनिधि द्वारा अस्पताल में इस तरह की हरकत से स्वास्थ्य संस्थानों की गरिमा पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।




