नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले MCD एक्शन में आ चुकी है। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने भी इस मुद्दे पर कार्यावाई करने के लिए दिल्ली सरकार को कह चुके हैं। अब एमीसीडी के द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान करने के लिए एमसीडी एक ड्राइव चलाएगी जिसमें दिल्ली के एमसीडी स्कूलों में जांच की जाएगी। इस ड्राइव का मकसद दिल्ली के स्कूलों में अवैध बांग्लादेशी छात्रों की पहचान की जाएगी। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं कि अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को जन्म प्रमाण पत्र न जारी किए जाएं।
MCD के आदेश में क्या कहा गया है?
GNCTD के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद एमसीडी की ओर से आदेश जारी किया गया जिसमें कहा गया कि शिक्षा विभाग छात्रों को दाखिला देते समय उन छात्रों की पहचान सुनिश्चित करे। स्कूल इस बात की जांच करे कि दाखिला लेने आया छात्र भारत में अवैध बांग्लादेशी प्रवासी के रूप में तो नहीं रह रहा। इसके अलावा एसलीडी उपायुक्त बीपी भारद्वाज ने स्वास्थय विभाग से अनुरोध करते हुए कहा कि जन्म प्रमाण पत्र जारी करते समय इस बात की सघन जांच की जाए कि किसी भी स्थिति में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को जन्म प्रमाण पत्र न जारी किया जाए।
LG के आदेश पर दिल्ली पुलिस भी कर चुकी है जांच
एक हफ्ते पहले दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली के 15 जिलों की पुलिस को आदेश दिया था कि वह अपने अपने इलाकों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करे। इसी आदेश की पालना करते हुए दिल्ली पुलिस ने विशेष अभियान चलाया और सीमा पुरी और कालिंदी कुंज समेत कई इलाकों में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान की। बिना वैध दस्तावेजों के पाए गए अवैध प्रवासियों को सराय रोहिल्ला के शाहजादाबाद के डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।




