नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Election) के परिणामों के बाद कई राजनीति दलों में काफी निराशा बनी हुई है। वहीं बीजेपी ने राज्य के विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। बीजेपी ने हरियाणा में लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करके एक रिकॉर्ड बना दिया है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में काफी खुशी का माहौल है। इसी बीच उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और BSP की मुखिया मायावती ने हरियाणा में उनकी पार्टी की हार का ठीकरा जाट वोटरों पर ही फोड़ डाला।
जाट समाज ने BSP को वोट नहीं दिया
पूर्व मुख्यमंत्री और BSP की मुखिया मायावती ने हरियाणा में मिली हार को लेकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा “हरियाणा विधानसभा चुनाव बीएसपी व इनेलो ने गठबंधन करके लड़ा किन्तु सामने आए परिणाम से स्पष्ट है कि जाट समाज के लोगों ने बीएसपी को वोट नहीं दिया जिससे बीएसपी के उम्मीदवार कुछ सीटों पर थोड़े वोटों के अन्तर से हार गए, हालांकि बीएसपी का पूरा वोट ट्रांस्फर हुआ।”
अपनी जातिवादी मानसिकता को जरूर बदलना चाहिए
इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री और BSP की मुखिया मायावती ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक्स पर दो पोस्ट और किए, जिसमे उन्होंने लिखा “यूपी के जाट समाज के लोगों ने अपनी जातिवादी मानसिकता को काफी हद तक बदला है और वे बीएसपी से MLA तथा सरकार में मंत्री भी बने हैं। हरियाणा प्रदेश के जाट समाज के लोगों को भी उनके पदचिन्हों पर चलकर अपनी जातिवादी मानसिकता को जरूर बदलना चाहिए, यह खास सलाह।
बीएसपी के लोगों द्वारा पूरी दमदारी के साथ यह चुनाव लड़ने के लिए सभी का हार्दिक आभार प्रकट करती हूँ व आश्वस्त करती हूँ कि उनकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी। लोगों को निराश नहीं होना है और न ही हिम्मत हारनी है, बल्कि अपना रास्ता खुद बनाने के लिए तत्पर रहना है। नया रास्ता निकलेगा।”
BSP हरियाणा में अपना खाता भी नहीं खोल पाई है
बता दें की मायावती की BSP हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणामों में अपना खाता भी नहीं खोल पाई है। जिसको लेकर वह काफी निराश हैं। उनकी नाराजगी हरियाणा के जाट समाज से है। BSP ने इनेलो के साथ गठबंधन करके हरियाणा विधानसभा का चुनाव लड़ा था, लेकिन उसको इसमें कोई भी फायदा नहीं हुआ है।





