नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। Haryana Assembly Election Results का दिन जननायक जनता पार्टी यानी JJP के लिए एक बड़ा झटका लेकर आया। साल 2019 के चुनाव में किंगमेकर बनकर उभरी JJP को इस बार एक भी सीट नहीं मिली है। इतना ही नहीं, पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला को उचाना कलां सीट पर करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस सीट पर बीजेपी के देविंदर अत्री और कांग्रेस के ब्रिजेंद्र सिंह के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। देविंदर अत्री ने इस सीट पर महज 32 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है। वहीं, 2019 के चुनाव में ये सीट अपने नाम करने वाले दुष्यंत चौटाला पांचवे नंबर पर खिसक गए हैं। साल 2019 में दुष्यंत चौटाला को उचाना कलां सीट पर 58 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिले थे। उनके खाते में 92504 वोट गिरे थे, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहीं प्रेमलता सिंह को महज 45,052 वोट मिले थे। इस बार चौटाला को केवल 7920 वोट मिले हैं।
क्या थे 2019 के चुनाव के नतीजे?
साल 2019 में हरियाणा में हुए विधानसभा चुनाव में 40 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। 31 सीटों के साथ कांग्रेस तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, वहीं 10 सीटों वाली JJP तीसरी बड़ी पार्टी थी। बीजेपी के पास सरकार बनाने के लिए बहुमत नहीं था, ऐसे में JJP किंगमेकर बनकर सामने आई और उसने सरकार बनाने के लिए बीजेपी को समर्थन दिया था। हालांकि, साल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले दोनों पार्टियों ने रास्ते अलग कर लिए।
क्यों अलग हुए जेजेपी और बीजेपी के रास्ते?
दरअसल, 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने राज्य की सभी 10 सीटों पर जीत दर्ज की थी। 2024 के चुनाव में दुष्यंत चौटाला चाहते थे कि गठबंधन के तहत बीजेपी राज्य की दो सीटें जेजेपी को दे दे, बीजेपी इसके लिए तैयार नहीं थी। तनाव बढ़ा तो इस साल मार्च में मनोहर लाल खट्टर ने अपनी पूरी कैबिनेट के साथ इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद निर्दलीय विधायकों के समर्थन से बीजेपी ने फिर से सरकार बनाई, इस बार नायब सिंह सैनी सीएम बने। इस पूरी कवायद में जेजेपी का ही हुआ।
क्या है जेजेपी की हार की वजह?
ऐसा माना जा रहा है कि किसान आंदोलन के वक्त दुष्यंत चौटाला और उनकी पार्टी बीजेपी के साथ खड़े थे। इस वजह से किसानों में उनके प्रति नाराजगी है। इसी के चलते राज्य की जनता ने जेजेपी को पूरी तरह से नकार दिया है। बता दें कि इस साल हुए लोकसभा चुनाव में जेजेपी ने सभी 10 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में पार्टी को करारी हार तो मिली है, सभी उम्मीदवारों की जमानत भी जब्त हो गई थी।
क्या है Haryana Assembly Election 2024 के नतीजे
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। पार्टी ने 39 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है, वहीं 10 और सीटों पर पार्टी लीड कर रही है। यानी बीजेपी कुल 49 सीटें जीतती दिख रही है। इस तरह पार्टी बहुमत के आंकड़े से 3 सीटें ज्यादा जीतती दिख रही है। इसे हरियाणा में बीजेपी का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन माना जा रहा है। वहीं, पिछले चुनाव की तुलना में कांग्रेस की स्थिति भी बेहतर हुई है। पिछली बार 31 सीटें जीतने वाली कांग्रेस इस बार 37 सीटें जीतती दिख रही है।





