नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अबकी बार मुंबई में फिर बड़ा प्रदर्शन करने की तैयार हो रही है। इसके लिए आंदोलन का बड़ा चेहरा और मराठा नेता मनोज पाटिल शुक्रवार को पहली बार मुंबई में प्रवेश कर चुके है। उनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ता जुड़े हुए है। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर यह प्रदर्शन मुंबई में अहम माना जा रहा है।
अपने समर्थकों के साथ मनोज पाटिल का काफिला वाशी टोल नाका से होते हुए मुंबई शहर में प्रवेश किया है। उनके काफिले के साथ सैकड़ों गाड़ियां चल रही थीं। फिलहाल, उनका काफिला ईस्टर्न फ्रीवे पर है और जल्द ही पी डिमेलो रोड से होते हुए मुंबई के आजाद मैदान में एंट्री करने वाले है। आजाद मैदान में जरांगे पाटिल अपने समर्थकों को संबोधित करेंगे।
मनोज जरांगे पाटील के आंदोलन के ऐलान के बाद महाराष्ट्र पुलिस और सुरक्षा एजेसियां भी अलर्ट हो गई ताकि, महाराष्ट्र और मुंबई जैसे शहर में ट्रैफिक व्यवस्था और कानून को सुनिश्चित किया जा सकें। मनोज जरांगे के अनिश्चितकालीन अनशन के ऐलान के बाद मुंबई पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गुरुवार को दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में 1,500 से अधिक कर्मियों को तैनात किया।
अनिश्चितकालीन अनशन का ऐलान
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने ऐलान किया था कि वह 29 अगस्त से मुंबई के आज़ाद मैदान में अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे। इसके लिए वह 26 अगस्त को जालना जिले के अपने पैतृक गांव अंतरवाली सराटी से हजारों समर्थकों संग रवाना हुए। गुरुवार सुबह उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मस्थली शिवनेरी किले पर नमन किए और फिर मुंबई के लिए प्रस्थान किया।
प्रदर्शन को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट पर
मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने आजाद मैदान में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। मिली जानकारी के अनुसार, स्थानीय पुलिस के अलावा, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) तथा महाराष्ट्र सुरक्षा बल (MSF) की एक-एक कंपनी भी प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास के इलाकों में तैनात की गई है।
क्या है जरांगे की मांग?
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील की मांग हैं कि सभी मराठों को कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए जो अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी में शामिल एक कृषि जाति है। इससे वे सरकारी नौकरियों और शिक्षिण संस्थानों में आरक्षण के पात्र बन जाएंगे।




