नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारतीय जनता पार्टी ने नबन्ना प्रोटेस्ट मार्च में भाग लेने वाले प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई को लेकर कल यानी 28 अगस्त को बंगाल बंद का आह्वान किया है। ये बंद सुबह 6 बजे से शाम को 6 बजे तक रहेगा। अब इस संबंध में बंगाल सरकार ने भी कड़ा एक्शन लेने का मन बना लिया है। TMC सरकार ने कर्मचारियों को सख्त दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा है कि कल कोई बंद नहीं रहेगा। सबको दफ्तर आना होगा।
ममता सरकार ने लोगों से बंद में भाग नहीं लेने का किया आग्रह
पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने BJP के द्वारा 28 अगस्त को बुलाए गए बंगाल बंद में भाग नहीं लेने का आग्रह किया है। इस दौरान प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि बंद के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त ना हो।
ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार ने क्या कहा ?
इस संबंध में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार अलपन बंदोपाध्याय ने कहा कि सरकार बुधवार को किसी भी बंद की अनुमति नहीं देगी। हम इस बंद में लोगों से भाग नहीं लेने का आग्रह करते हैं। उन्होंने कहा कि जनजीवन सामान्य हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार हर कदम उठाएगी। इसके बाद राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी की। जिसमें अपने कर्मचारियोयं को बंगाल बंद में शामिल नहीं होने की अपील की गई है। वहीं 28 अगस्त को पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फोरम ने महिला ट्रेनी डॉक्टर को न्याय देने की मांग करते हुए बड़ी रैली की घोषणा की है।
जो कल छुट्टी करेगा उसका वेतन कटेगा
राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ से जारी अधिसूचना में ये कहा गया है कि 28 अगस्त को किसी भी कर्मचारी को कोई आकस्मिक अवकाश नहीं दिया जाएगा। ना ही पूरे दिन के लिए किसी की छुट्टी स्वीकार की जाएगी। इसके अलावा जो अधिसूचना में ये भी कहा गया है कि जो कर्मचारी 27 अगस्त को छुट्टी पर थे, उन्हें भी 28 अगस्त को ड्यूटी पर रिपोर्ट करना होगा। राज्य सचिवालय की ओर से जारी इस अधिसूचना में कहा गया है कि जो अधिकारी 28 अगस्त को छुट्टी लेंगे और दफ्तर नहीं आएंगे. उन्हें जानबूझकर की गई छुट्टी माना जाएगा और उस दिन का वेतन कटेगा।
28 अगस्त को इनकी छुट्टी रहेगी
- परिवार में किसी का निधन हो गया हो
- कर्मचारी किसी गंभीर बिमारी के कारण पहले से ही छुट्टी पर हो
- कर्मचारी अस्पताल में भर्ती हो
- कर्मचारी चाइल्ड केयर लीव, मैटरनिटी लीव, मेडिकल लीव या 2 अगस्त से पहले से स्वीकृत लीव पर हो
बीजेपी ने ममता बनर्जी से मांगा इस्तीफा
वहीं कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप व हत्या के मामले में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल के सीएम ममता बनर्जी से इस्तीफा मांगा। पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने नबन्ना मार्च को लेकर कहा कि हमें हड़ताल करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। क्योंकि यह निरंकुश शासक लोगों की आवाज नहीं सुन रही है। जो लोग मृत डॉक्टर बहन को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्हें न्याय देने के बजाय ममता बनर्जी की पुलिस शांतिप्रिय लोगों के साथ बर्बर व्यवहार कर रही है। ये लोग महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल चाहते हैं।





