नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रही है। इस पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी नेताओं और सरकार को एक साफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि नेताओं को केवल वही वादे करने चाहिए, जिन्हें वे पूरा कर सकें। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो यह सरकार दिवालियापन की ओर बढ़ सकती है।
चुनावी वादों पर चर्चा
खड़गे ने बताया कि कर्नाटक में सरकार ने पहले पांच प्रमुख गारंटियों का वादा किया था। इस वादे के अनुसार महाराष्ट्र में भी इसी तरह की गारंटियों का ऐलान किया गया है। लेकिन हाल ही में खबरें आई हैं कि कर्नाटक सरकार अब एक गारंटी को रद्द करने का मन बना रही है। इस पर खड़गे ने चिंता जताते हुए कहा, ‘ऐसा लगता है कि आप लोग अखबार नहीं पढ़ते। मैंने पढ़ा है और इसलिए बता रहा हूं। हम आपकी गारंटियों को महाराष्ट्र में दोहराने के लिए काम कर रहे हैं।’
बजट का महत्व
खड़गे ने पार्टी नेताओं को सलाह दी कि वे ऐसे वादे न करें, जो उनके बजट के अनुसार न हों। उन्होंने कहा, ‘यदि आप बिना बजट के विचार किए वादे करेंगे, तो यह दिवालियापन की ओर ले जाएगा।’ उनका कहना था कि अगर सरकार का प्रदर्शन खराब रहा, तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा जिससे बदनामी होगी। इसके परिणामस्वरूप सरकार को अगले दस वर्षों तक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
कर्नाटक चुनाव में दी गई गारंटियां
कर्नाटक चुनाव के दौरान कांग्रेस ने कई महत्वपूर्ण गारंटियाँ दी थीं, जैसे:
गृह लक्ष्मी योजना: महिलाओं को हर महीने 2,000 रुपये देने का वादा।
युवा निधि: बेरोजगार ग्रेजुएट्स को दो वर्षों के लिए हर महीने 3,000 रुपये का भत्ता।
डिप्लोमा धारकों के लिए: उन्हें 1,500 रुपये प्रति माह देने की गारंटी।
अन्न भाग्य योजना: हर परिवार को प्रति व्यक्ति 10 किलोग्राम चावल देने का वादा।
सखी कार्यक्रम: महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा।
गृह ज्योति योजना: हर घर को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा।





