नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में उस समय हलचल मच गई, जब स्पीकर ओम बिरला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद पीएम मोदी से सदन में न आने का आग्रह किया था, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि कोई “अप्रत्याशित और अप्रिय घटना” हो सकती थी।
स्पीकर ने क्यों रोका पीएम मोदी को?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि उन्हें सदन के भीतर के हालात और कुछ इनपुट्स के आधार पर यह लगा कि प्रधानमंत्री की मौजूदगी में स्थिति बिगड़ सकती है। उनके मुताबिक, कुछ विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री के आसन तक जाकर हंगामा करने की योजना बना रहे थे। इसी वजह से उन्होंने नेता सदन से अनुरोध किया कि पीएम उस दिन सदन में न आएं।
”लोकतंत्र के लिए काला दिन हो सकता था’
स्पीकर ने कहा कि अगर कोई अप्रिय घटना हो जाती तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद दुखद और काला दिन साबित होता। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी ने उनके आग्रह का सम्मान किया, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताया। ओम बिरला ने सदन में विपक्ष के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके चैंबर में कुछ सदस्यों का रवैया बेहद निराशाजनक था। लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी और बजट पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी।
राज्यसभा में जारी रही चर्चा
जहां लोकसभा में गतिरोध बना रहा, वहीं राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी रही। यूपी से बीजेपी सांसद बाबूराम निषाद ने सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से किसानों को फायदा मिला है और मछुआरा समुदाय के लिए भी सरकार ने कई कदम उठाए हैं। संसद के इस घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। पीएम की सुरक्षा को लेकर स्पीकर का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीति तेज होने की संभावना है।





