नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारत में भीड़भाड़ वाले आयोजनों के दौरान भगदड़ की घटनाएं अक्सर सामने आती रही हैं। कभी धार्मिक आयोजनों में, तो कभी रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों पर हुई भगदड़ में हजारों लोगों की जान जा चुकी है। हाल ही में हाथरस और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की घटनाओं ने फिर से इस गंभीर समस्या को उजागर किया है। आइए, पिछले कुछ सालों में भारत में हुई बड़ी भगदड़ की घटनाओं पर एक नजर डालते हैं।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन फरवरी 2025
10 फरवरी 2025 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 18 लोगों की जान चली गई, जिनमें 14 महिलाएं शामिल थीं। यह हादसा प्रयागराज जाने वाली ट्रेन के लिए भीड़ के बढ़ने से हुआ। इस घटना में 25 लोग घायल भी हो गए।
प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या (जनवरी 2025)
29 जनवरी 2025 को प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान मौनी अमावस्या स्नान के समय भगदड़ मच गई। इस हादसे में 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हो गए।
तिरुपति मंदिर (जनवरी 2025)
8 जनवरी 2025 को आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर में दर्शन पास लेने के दौरान भगदड़ मच गई। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई और 35 लोग घायल हुए।
हाथरस (जुलाई 2024)
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में जुलाई 2024 में हुए धार्मिक आयोजन के दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें 121 लोगों की मौत हो गई। हजारों भक्तों की भीड़ के कारण यह हादसा हुआ था।
वैष्णो देवी मंदिर (जनवरी 2022)
जनवरी 2022 में जम्मू-कश्मीर स्थित वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़ मचने से 12 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी। अधिक भीड़ के कारण यह हादसा हुआ।
रतनगढ़ मंदिर, मध्य प्रदेश (अक्टूबर 2013)
मध्य प्रदेश के रतनगढ़ मंदिर में 13 अक्टूबर 2013 को भगदड़ मची, जिसमें 115 लोगों की मौत हो गई थी और सौ से अधिक लोग घायल हो गए थे।
प्रयागराज कुंभ मेला (फरवरी 2013)
प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर फरवरी 2013 में कुंभ मेले के दौरान भगदड़ मच गई थी, जिसमें 36 तीर्थयात्रियों की मौत हुई थी।
कृपालु महाराज के राम जानकी मंदिर (मार्च 2010)
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में कृपालु महाराज के राम जानकी मंदिर में 63 लोगों की मौत हो गई थी। यह हादसा मंदिर में मुफ्त भोजन और कपड़े वितरण के दौरान हुआ था।
चामुंडा देवी मंदिर, राजस्थान (सितंबर 2008)
राजस्थान के जोधपुर स्थित चामुंडा देवी मंदिर में नवरात्रि के दौरान भगदड़ में 250 लोगों की मौत हो गई थी।
नैना देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश (अगस्त 2008)
हिमाचल प्रदेश के नैना देवी मंदिर में 145 लोगों की मौत हुई थी। यह भगदड़ भूस्खलन की अफवाह के कारण मची थी।
मंधारदेवी मंदिर, महाराष्ट्र (जनवरी 2005)
महाराष्ट्र के सतारा जिले के मंधारदेवी मंदिर में 265 लोगों की मौत हो गई थी। भारी भीड़ के कारण यह हादसा हुआ था।
भगदड़ की घटनाएं अक्सर सुरक्षा उपायों की कमी, अव्यवस्थित भीड़ नियंत्रण और प्रशासन की चूक के कारण होती हैं। हर साल हजारों लोग धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों में भाग लेने जाते हैं, लेकिन यदि सुरक्षा उपायों को कड़ाई से लागू नहीं किया गया, तो ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं। सरकार और आयोजकों को भीड़ नियंत्रण के लिए पुख्ता इंतजाम करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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