नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र में गणेश विसर्जन का उत्सव इस बार कई परिवारों के लिए मातम में बदल गया। राज्य के अलग-अलग जिलों में प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूबने और हादसों की वजह से कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और 12 लोग अभी भी लापता हैं। ये घटनाएं 6 और 7 सितंबर को हुईं।
पुणे में सबसे ज्यादा हादसे
पुणे जिले में तीन अलग-अलग जगहों पर हादसे हुए। भीमा नदी (वाकी खुर्द) में 2 लोग बह गए। शेल पिंपलगांव में 1 ग्रामीण की मौत हो गई। बिरवाड़ी इलाके में एक व्यक्ति कुएं में गिरकर डूब गया। खेड़ में 45 वर्षीय व्यक्ति की भी मौत हो गई। अब तक 3 शव बरामद किए जा चुके हैं, बाकी की तलाश जारी है। नांदेड़ और नासिक में कई लोग बहे नांदेड़ के गंदेगांव में 3 लोग नदी में बह गए। इनमें से एक को बचा लिया गया, जबकि दो अब भी लापता हैं। नासिक जिले के सिन्नर और कलवान क्षेत्रों में 5 लोग पानी में बह गए। 2 शव मिल चुके हैं, 3 की खोज जारी है।
ठाणे, जलगांव, पालघर, वाशिम और अमरावती में भी हादसे
ठाणे के शाहपुर तालुका के मुंडेवाड़ी गांव में 3 लोगों की डूबकर मौत हो गई। जलगांव जिले में अलग-अलग जगह 3 लोग डूब गए। पालघर में विरार (पश्चिम) के नारंगी जेट्टी पर 3 लोग खाड़ी में बह गए थे, जिन्हें समुद्री अधिकारियों ने नाव से बचा लिया। वाशिम जिले में 2 लोग डूब गए, जिनमें से एक का शव मिला है। अमरावती जिले में भी एक व्यक्ति की डूबकर मौत हो गई।
मुंबई और मध्य प्रदेश में भी हादसे
मुंबई के साकीनाका इलाके में विसर्जन यात्रा के दौरान बिजली के तार से करंट लगने पर एक व्यक्ति की मौत हो गई और 5 लोग घायल हो गए। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के गटखेड़ा गांव में विसर्जन के दौरान 2 किशोर नाले में डूबकर जान गंवा बैठे। भारी बारिश और हादसों के बाद राज्य में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन का कहना है कि विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम कड़े किए जा रहे हैं ताकि आगे कोई अनहोनी न हो।




