नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के अमृत स्नान के दौरान भगदड़ मच गई, जिससे कई श्रद्धालु घायल हो गए। इस स्थिति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 3 बार फोन पर बात की और घायलों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही पीएम ने श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। भगदड़ की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से चर्चा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस संकट की घड़ी में यूपी सरकार के साथ है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कैसे मची भगदड़?
मौनी अमावस्या के दिन करोड़ों श्रद्धालु अमृत स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचे थे। संगम नोज पर स्नान के दौरान भीड़ बढ़ गई और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। यूपी सरकार के अनुसार, दम घुटने की वजह से कुछ महिलाएं बेहोश होकर गिर गईं, जिससे भगदड़ मच गई। हालात बिगड़ते ही तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गई और घायलों को केंद्रीय अस्पताल समेत प्रयागराज के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर की अपील
आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे सिर्फ संगम घाट पर ही स्नान करने की जिद न करें। उन्होंने कहा, “पूरी गंगा और यमुना नदियां इस समय अमृत के समान हैं, जहां भी स्नान करें, पुण्य मिलेगा।”
अखिलेश यादव ने सरकार पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भगदड़ पर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को घायलों के इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था करनी चाहिए और मृतकों के शवों को पहचान कर परिजनों तक पहुंचाने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
बसपा प्रमुख मायावती ने जताया दुख
बसपा प्रमुख मायावती ने इस घटना को बेहद दुखद बताया और पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी घटनाओं से बचने के लिए मजबूत प्रबंधन व्यवस्था करनी चाहिए।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रतिक्रिया
अशोक गहलोत ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया और ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की।
स्वामी चिदानंद सरस्वती का बड़ा फैसला
भगदड़ के बाद स्वामी चिदानंद सरस्वती ने सामूहिक स्नान को रद्द करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हर कोई जहां है, वहीं स्नान करे, ताकि कोई और अनहोनी न हो।
ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायलों को पहुंचाया अस्पताल
घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए प्रशासन ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया। डॉक्टरों की पूरी टीम अलर्ट पर रही और जरूरत पड़ने पर एयर एम्बुलेंस की भी तैयारी की गई। यूपी सरकार ने भीड़ नियंत्रण के लिए 10 से अधिक जिलाधिकारियों को तैनात किया है। प्रयागराज बॉर्डर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि श्रद्धालु सुरक्षित स्नान कर सकें। सूत्रों के मुताबिक, इस भगदड़ में 10 से अधिक लोगों की मौत हुई है, हालांकि अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आनंद अखाड़े में सुबह 10:00 बजे श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी।





